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बाजी बधाई, घर-घर जन्मे कृष्ण कन्हाई
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बाजी बधाई, घर-घर जन्मे कृष्ण कन्हाई
मेरठ। भरणी नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में मुरली वाले का जन्म मंगलवार मध्य रात्रि में हुआ। घड़ी का कांटा 12 पर पहुंचा तो बाल गोपाल के स्वागत के लिए पूरा शहर आकर्षक विद्युत साज सज्जा से जगमगा रहा था। जब भगवान का जन्म हुआ तब हर घर मंदिर में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..., हाथी घोड़ा पालकी... और वृंशभान नंदिनी के गीत और जयकारे गूंज रहे थे। मंदिरों में ढोल, नगाडे़ और आरती की स्वर लहरियों के बीच भक्त अपने लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाते नजर आए। मंदिरों और घरों में बाल कृष्ण को पालने में झुलाया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक झांकियां सजाई गईं। इस्कॉन सहित राधा-कृष्ण मंदिर सदर और गढ़ रोड से पूजन का लाइव प्रसारण किया गया।
दुर्लभ संयोग में हुआ कृष्ण जन्म
अष्टमी तिथि 11 अगस्त मंगलवार को सुबह 9:06 मिनट पर आरंभ हो गई। यह तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 मिनट तक रहेगी। स्मार्थ गृहस्थियों ने मंगलवार को व्रत पूजन किया, जबकि वैष्णव आज बुधवार को व्रत पूजन कर कन्हैया का जन्मोत्सव मनाएंगे।
बाबा औघड़नाथ राधा-गोविंद मंदिर रहा आकर्षण का केंद्र
सूर्य अस्त होते ही बाबा औघड़नाथ मंदिर के बाहर कार, मोटरसाइकिलों और पैदल भक्तों का आगमन शुरू हो गया। मंदिर को चार प्रकार की रंगीन रोशनी से सजाया गया था। राधा-कृष्ण की वृंदावन से मंगाई गई पोशाक सभी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। पंडित मनोज अभिषेक ने पूजन का कार्य रात्रि 11:43 पर आरंभ कर दिया। मंदिर में भगवान का भव्य फूल बंगला सजाया गया था। आरती के बाद मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप सेब और पेड़े के प्रसाद के साथ चरणामृत बांटा गया। इस दौरान महामंत्री सतीश सिंघल, अध्यक्ष डॉ. महेश बंसल, अतुल अग्रवाल, अनिल सिंघल, अमित अग्रवाल, सुधीर गुप्ता, दिनेश आदि का सहयोग रहा।
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घरों और मंदिरों में हुआ धार्मिक अनुष्ठान
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर घरों और मंदिरों में गोपाल सहस्त्रनाम, मंत्र, जाप और श्रीमद्भागवत कथा के ऑनलाइन पाठ हुए। रात्रि में घरों और मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार व पूजा अर्चना हुई। मुरली, मुकुट और नए वस्त्रों से सुशोभित लड्डू गोपाल का स्वरूप देखते ही बनता था। अर्ध रात्रि पर व्रत पारण से पूर्व घर के बने शुद्ध मिष्ठान से भगवान को भोग लगाया गया। रोली, चंदन, अक्षत, फल, धूप, दीप से पूजन हुआ। तुलसी, दूध, दही से भगवान का अभिषेक किया गया। शंखनाद व ढोल मंजीरों के स्वरों के बीच नंद लाला का जन्म हुआ। बहुत से लोगों ने पटाखे चलाकर खुशियां मनाई। पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर था।
मटकी फोड़ लूटा दही-माखन का प्रसाद
सदर स्थित राधा गोविंद मंदिर में रात्रि में पूजन आरती के उपरांत मटकी फोड़कर भक्तों ने प्रसाद लूटा। सदर गंज बाजार स्थित वामन भगवान मंदिर में पंडित नंद किशोर शर्मा ने पूजन किया। उधर, लक्ष्मीनारायण शिव मंदिर में पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा ने भगवान को पालना झुलाया। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर नन्हे कन्हैया का स्वागत किया। इस बीच सदर के कई मंदिरों में महिला संगठनों ने भजन कीर्तन किया। सदर अनाज मंडी स्थित श्री धानेश्वर नाथ मंदिर में पंडित गोपाल शर्मा और कबाड़ी बाजार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में पंडित जीवन शर्मा ने पूजन किया।
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मेरठ। भरणी नक्षत्र सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में मुरली वाले का जन्म मंगलवार मध्य रात्रि में हुआ। घड़ी का कांटा 12 पर पहुंचा तो बाल गोपाल के स्वागत के लिए पूरा शहर आकर्षक विद्युत साज सज्जा से जगमगा रहा था। जब भगवान का जन्म हुआ तब हर घर मंदिर में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..., हाथी घोड़ा पालकी... और वृंशभान नंदिनी के गीत और जयकारे गूंज रहे थे। मंदिरों में ढोल, नगाडे़ और आरती की स्वर लहरियों के बीच भक्त अपने लड्डू गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाते नजर आए। मंदिरों और घरों में बाल कृष्ण को पालने में झुलाया गया। शहर के विभिन्न स्थानों पर आकर्षक झांकियां सजाई गईं। इस्कॉन सहित राधा-कृष्ण मंदिर सदर और गढ़ रोड से पूजन का लाइव प्रसारण किया गया।
दुर्लभ संयोग में हुआ कृष्ण जन्म
अष्टमी तिथि 11 अगस्त मंगलवार को सुबह 9:06 मिनट पर आरंभ हो गई। यह तिथि 12 अगस्त सुबह 11:16 मिनट तक रहेगी। स्मार्थ गृहस्थियों ने मंगलवार को व्रत पूजन किया, जबकि वैष्णव आज बुधवार को व्रत पूजन कर कन्हैया का जन्मोत्सव मनाएंगे।
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बाबा औघड़नाथ राधा-गोविंद मंदिर रहा आकर्षण का केंद्र
सूर्य अस्त होते ही बाबा औघड़नाथ मंदिर के बाहर कार, मोटरसाइकिलों और पैदल भक्तों का आगमन शुरू हो गया। मंदिर को चार प्रकार की रंगीन रोशनी से सजाया गया था। राधा-कृष्ण की वृंदावन से मंगाई गई पोशाक सभी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। पंडित मनोज अभिषेक ने पूजन का कार्य रात्रि 11:43 पर आरंभ कर दिया। मंदिर में भगवान का भव्य फूल बंगला सजाया गया था। आरती के बाद मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप सेब और पेड़े के प्रसाद के साथ चरणामृत बांटा गया। इस दौरान महामंत्री सतीश सिंघल, अध्यक्ष डॉ. महेश बंसल, अतुल अग्रवाल, अनिल सिंघल, अमित अग्रवाल, सुधीर गुप्ता, दिनेश आदि का सहयोग रहा।
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घरों और मंदिरों में हुआ धार्मिक अनुष्ठान
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर घरों और मंदिरों में गोपाल सहस्त्रनाम, मंत्र, जाप और श्रीमद्भागवत कथा के ऑनलाइन पाठ हुए। रात्रि में घरों और मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार व पूजा अर्चना हुई। मुरली, मुकुट और नए वस्त्रों से सुशोभित लड्डू गोपाल का स्वरूप देखते ही बनता था। अर्ध रात्रि पर व्रत पारण से पूर्व घर के बने शुद्ध मिष्ठान से भगवान को भोग लगाया गया। रोली, चंदन, अक्षत, फल, धूप, दीप से पूजन हुआ। तुलसी, दूध, दही से भगवान का अभिषेक किया गया। शंखनाद व ढोल मंजीरों के स्वरों के बीच नंद लाला का जन्म हुआ। बहुत से लोगों ने पटाखे चलाकर खुशियां मनाई। पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर था।
मटकी फोड़ लूटा दही-माखन का प्रसाद
सदर स्थित राधा गोविंद मंदिर में रात्रि में पूजन आरती के उपरांत मटकी फोड़कर भक्तों ने प्रसाद लूटा। सदर गंज बाजार स्थित वामन भगवान मंदिर में पंडित नंद किशोर शर्मा ने पूजन किया। उधर, लक्ष्मीनारायण शिव मंदिर में पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा ने भगवान को पालना झुलाया। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर नन्हे कन्हैया का स्वागत किया। इस बीच सदर के कई मंदिरों में महिला संगठनों ने भजन कीर्तन किया। सदर अनाज मंडी स्थित श्री धानेश्वर नाथ मंदिर में पंडित गोपाल शर्मा और कबाड़ी बाजार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर में पंडित जीवन शर्मा ने पूजन किया।