यूपी: दो पक्षों में खूनी संघर्ष, बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां, एक युवक की मौत
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यहां दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। इस दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानिए पूरा मामला।
घटना उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर की है। जहां गांव पमड़ावली में दो पक्ष आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में तमंचों व लाइसेंसी बंदूक से जमकर गोलियां चलीं। गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के भी तीन लोग गोली लगने से घायल हो गए। एक घायल को चिंताजनक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा है। घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश चली आ रही है।
गांव पमड़ावली निवासी गजेंद्र व राजेंद्र पक्ष में पुरानी रंजिश चली आ रही थी। परिजनों के मुताबिक सोमवार की रात करीब दस बजे गजेंद्र सिंह अपने पिता धर्मवीर सिंह के साथ जंगल से पानी देकर घर लौट रहा था। दूसरे पक्ष के नृपेंद्र, मनोज, विपिन व बॉबी ने गजेंद्र के साथ मारपीट और गाली-गलौज कर दी। दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने गोली चलानी शुरू कर दी। गोली चलने से गांव में सनसनी फैल गई। सिर में गोली लगने से गजेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पिता धर्मवीर और मां भी मारपीट में घायल हो गए। दूसरे पक्ष की ओर से विपिन कुमार, मनोज कुमार व राजपाल सिंह गोली लगने से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल विपिन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। राजपाल सिंह व मनोज को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली लाया गया।
मृतक के पिता धर्मवीर ने गांव के ही नृपेंद्र कुमार व मनोज कुमार पुत्र संसार सिंह, विपिन कुमार व बॉबी पुत्र राजेंद्र सिंह के विरुद्ध गजेंद्र की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया की हत्या में नामजद दो लोगों को पकड़ लिया गया है। घटना के प्रयुक्त दोनों पक्षों के बंदूक व तमंचे पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं।
मृतक गजेंद्र ने दो साल पहले भाई कुलदीप की कर दी थी हत्या
गजेंद्र व राजेंद्र पक्ष में पुरानी रंजिश चली आ रही है। दो साल पहले गजेंद्र के भाई कुलदीप की जंगल में हत्या कर दी गई थी। गजेंद्र ने राजेंद्र पक्ष के लोगों के खिलाफ भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों में दुश्मनी और ज्यादा बढ़ गई। पुलिस ने कुलदीप की हत्या कर खुलासा किया तो भाई गजेंद्र ही कुलदीप का कातिल निकला था। गजेंद्र ने दुश्मनों को फंसाने के लिए कुलदीप का कत्ल किया था। गजेंद्र एक साल पहले भाई के कत्ल में जेल से जमानत पर बाहर आया था। दोनों पक्षों में तनातनी बरकरार थी।
बिजनौर में रहता था गजेंद्र
परिजनों के मुताबिक गजेंद्र बिजनौर में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। दिन में गांव चला जाता था। रात में अपने बच्चों के पास आ जाता था। गांव में रात को रुकता नहीं था। सोमवार की रात गजेंद्र गांव में क्यों गया,परिजन भी इसे लेकर सकते में हैं।
घेरकर मारा गजेंद्र को
परिजनों का कहना है कि दोनों पक्षों में जब गोली चली तो राजेंद्र पक्ष ने अकेला होने के कारण गजेंद्र को घेर लिया। गजेंद्र लाइसेंसी बंदूक से गोली चला रहा था। गजेंद्र के परिजनों ने किसी परिचित के घर जाकर गजेंद्र से छिपने को कहा। गजेंद्र किसी परिचित के घर छिपने को चला गया। वहां दूसरे पक्ष के लोगों ने घेर कर उसे मार डाला।
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