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कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

Thu, 25 Jul 2019 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 02:27 AM IST
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Confidence motion against Vice President Bina Wadhwa, Cantt Board
मेरठ। कैंट बोर्ड की सियासत में चार साल बाद बुधवार को नया मोड़ आ गया। बोर्ड के आठ में से सात सदस्यों ने उपाध्यक्ष बीना वाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया। भाजपा के महानगर अध्यक्ष के साथ सभी सात सदस्य बोर्ड अध्यक्ष से मिले। अविश्वास प्रस्ताव आने के बाद कैंट बोर्ड की बृहस्पतिवार शाम चार बजे आपात बैठक बुला ली गई है। इसमें बीना वाधवा को बहुमत साबित करना होगा। वहीं, भाजपा की तरफ से उपाध्यक्ष पद पर विपिन सोढ़ी के नाम पर सहमति बनी है। सदस्य भी उनके नाम का समर्थन कर चुके हैं। ऐसे में कैंट बोर्ड पर भी अब भाजपा का राज हो सकता है।
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कैंट बोर्ड का चुनाव 17 मई 2015 को हुआ था। 15 जुलाई को सदस्य बीना वाधवा कैंट बोर्ड की उपाध्यक्ष चुनी गईं थीं। 20 जुलाई 2015 को पहली बोर्ड बैठक हुई थी। चार दिन पहले ही 20 जुलाई को उनके कार्यकाल को चार साल पूरे हुए और एक साल बचा है। बीना वाधवा के पति सुनील वाधवा बसपा से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। एक सदस्य बुशरा कमाल निर्दलीय हैं। जबकि बाकी छह सदस्य विपिन सोढ़ी, अनिल जैन, रिनी जैन, नीरज राठौर, मंजू गोयल और धर्मेंद्र सोनकर भाजपा से हैं। बुधवार को भाजपा के सभी सदस्यों की विपिन सोढ़ी के आवास पर बैठक हुई। जिसमें बुशरा कमाल भी शामिल रहीं। सभी सदस्यों ने बीना बाधवा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बात रखते हुए उपाध्यक्ष पद के लिए विपिन सोढ़ी के नाम पर सहमति जताई। ऐसे में बीना वाधवा अकेली पड़ गई हैं।
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उन्होंने वादा नहीं निभाया
कैंट बोर्ड की निर्दलीय सदस्य बुशरा कमाल के पति अजमल कमाल का कहना है कि बीना वाधवा जब उपाध्यक्ष चुनी गईं थीं तो तय हुआ कि चार साल पूरे होने पर वे पद छोड़ देंगी। इसके बाद उनका समर्थन देने वाले बाकी चार सदस्यों नीरज राठौर, मंजू गोयल, बुशरा कमाल और रिनी जैन को 3-3 माह के लिए उपाध्यक्ष बनवाया जाएगा। अजमल कमाल का कहना है कि 20 जुलाई को उन लोगों ने ये बात याद दिलाई तो बीना वाधवा ने ऐसी बात से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।
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सुनील बचा ले गए थे कुर्सी
साल 2000 के आसपास बीना वाधवा के पति सुनील वाधवा बोर्ड उपाध्यक्ष थे। उनके खिलाफ भी सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन बोर्ड बैठक में उन्होंने बहुमत साबित करके दिखा दिया था। ऐसे में बृहस्पतिवार को कैंट बोर्ड की शाम चार बजे होने वाली आपात बैठक पर सबकी नजरें लगी हैं।
भाजपा का बनेगा उपाध्यक्ष
आठ में से छह सदस्य भाजपा के हैं। एक अन्य सदस्य भी हमारे साथ हैं। कैंट बोर्ड के सदन में बहुमत भाजपा के पास है। ऐसे में उपाध्यक्ष भाजपा का ही बनेगा। कैंट में रुके कार्यों को पूरा कराएंगे। -मुकेश सिंघल, महानगर अध्यक्ष भाजपा

मैंने वादों को पूरा किया
मैंने पूरी निष्ठा और मेहनत से काम किया है। सीवरेज सिस्टम और मोबाइल टावर लगवाने का काम किया। दलगत राजनीति से अलग हटकर सभी लोगों से किए वादों को पूरा किया। कहीं कोई भेदभाव नहीं किया। आगे भी यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। -बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
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