{"_id":"5f7a291a8ebc3e9b8f2e5f31","slug":"complaints-not-resolving-on-the-invest-mitra-portal-a-major-reason-for-lagging-in-ease-of-doing-index-meerut-news-mrt5045275183","type":"story","status":"publish","title_hn":"निवेश मित्र पोर्टल पर नहीं सुलझ रहीं शिकायतें, ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स में पिछड़ने का बड़ा कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निवेश मित्र पोर्टल पर नहीं सुलझ रहीं शिकायतें, ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स में पिछड़ने का बड़ा कारण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निवेश मित्र पोर्टल पर नहीं सुलझ रहीं शिकायतें, ईज ऑफ डूइंग इंडेक्स में पिछड़ने का बड़ा कारण
मेरठ। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में मेरठ के पिछड़ने का प्रमुख कारण सरकारी विभागों की लेटलतीफी और लापरवाही है। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की मदद के लिए निवेश मित्र पोर्टल बनाया तो वहां भी उद्यमियों को आराम नहीं मिल रहा। उद्यमी निवेश मित्र पोर्टल पर शिकायतें करते हैं, लेकिन अफसर समय पर शिकायतों का निस्तारण नहीं करते। जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी डीएम ने पोर्टल पर लंबित शिकायतों को देखकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद भी सुधार नहीं दिख रहा।
उद्योग संचालन के लिए इकाइयों को कई प्रकार के अनापत्ति प्रमाणपत्र व अनुमतियां लेनी होती हैं। इसमें प्रदूषण विभाग से जुड़े कई हैं। लंबित मामलों में भी प्रदूषण विभाग सबसे आगे हैं। विभाग को 32 शिकायतें मिली थीं, लेकिन सभी शिकायतें समय सीमा खत्म होने के बाद ही हल की गईं। इसी तरह श्रम विभाग के पास 17 शिकायतें आईं। किसी भी शिकायत का निस्तारण समय पर नहीं हुआ। रजिस्ट्रार फर्म सोसायटी 11 में से एक भी मामला समय पर हल नहीं हुआ। फूड सेफ्टी विभाग भी 40 में से एक शिकायत को समय पर सुलझा सका। यूपीएसआईडीसी, बाट माप तौल और हाउसिंग विभागों में भी यही आलम है। पावर कॉरपोरेशन में 19 में से 8 शिकायतें समय सीमा के बाद भी हल नहीं हुईं।
विज्ञापन
मेरठ। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में मेरठ के पिछड़ने का प्रमुख कारण सरकारी विभागों की लेटलतीफी और लापरवाही है। प्रदेश सरकार ने उद्यमियों की मदद के लिए निवेश मित्र पोर्टल बनाया तो वहां भी उद्यमियों को आराम नहीं मिल रहा। उद्यमी निवेश मित्र पोर्टल पर शिकायतें करते हैं, लेकिन अफसर समय पर शिकायतों का निस्तारण नहीं करते। जिला उद्योग बंधु की बैठक में भी डीएम ने पोर्टल पर लंबित शिकायतों को देखकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद भी सुधार नहीं दिख रहा।
उद्योग संचालन के लिए इकाइयों को कई प्रकार के अनापत्ति प्रमाणपत्र व अनुमतियां लेनी होती हैं। इसमें प्रदूषण विभाग से जुड़े कई हैं। लंबित मामलों में भी प्रदूषण विभाग सबसे आगे हैं। विभाग को 32 शिकायतें मिली थीं, लेकिन सभी शिकायतें समय सीमा खत्म होने के बाद ही हल की गईं। इसी तरह श्रम विभाग के पास 17 शिकायतें आईं। किसी भी शिकायत का निस्तारण समय पर नहीं हुआ। रजिस्ट्रार फर्म सोसायटी 11 में से एक भी मामला समय पर हल नहीं हुआ। फूड सेफ्टी विभाग भी 40 में से एक शिकायत को समय पर सुलझा सका। यूपीएसआईडीसी, बाट माप तौल और हाउसिंग विभागों में भी यही आलम है। पावर कॉरपोरेशन में 19 में से 8 शिकायतें समय सीमा के बाद भी हल नहीं हुईं।
विज्ञापन