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मेरठ : मुख्यमंत्री के न आने से फरियादी मासूस लौटे

Tue, 28 Jan 2020 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 01:48 AM IST
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complaint disappointment in meerut
मवाना। नमामि गंगे यात्रा के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के हस्तिनापुर पहुंचने की जानकारी होने पर बहुत लोगों को उम्मीद बंधी थी कि वे अपनी बात सीएम तक पहुंचा सकेंगे। लेकिन उनके नहीं आने पर मायूसी ही हाथ लगी। ऐसे ही उम्मीद लेकर हस्तिानपुर सभा स्थल पर पहुंचे थे तजपुरा निवास वृद्ध छंगा पुत्र यादराम। इनकी समस्या थी कि उनकी भूमि की चकबंदी साल 2016 में हुई थी। जिसमें पैमाइश के दौरान तीन बिस्सा कम कर दिया गया था। जिसकी शिकायत तहसील दिवस व सीएम हेल्पलाइन पर की। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। उनका कहना था कि आज भी घंटों का इंतजार करने के बाद उनके हाथ मायूसी ही लगी है।
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गांव दूधली के सुरजीत, जगत सिंह, रिछपाल, रामबीर, विजयपाल, कमल सिंह, दलीप सिंह आदि भी सीएम से शिकायत करने पहुंचे थे। इन्होंने लिखित में शिकायत ले रखी थी कि कुछ वर्षों पहले कुछ असामाजिक तत्वों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए जेसीबी मशीनें लगाकर गंगा का बहाव मोड़ दिया था। जिस कारण गंगा के किनारे बसे गांव दूधली खादर पर कटान का खतरा पैदा हो गया है। जिससे समस्त गांव के लोग भयभीत हैं। गंगा की प्राकृतिक धारा के बहाव को सुचारु कराकर पुनर्जीवित कर दूधली खादर पर मंडरा रहे कटान के खतरे से निजात दिलाने की मांग की है।
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वहीं, किसान नेता शौकीन गुर्जर, मांगे प्रधान, उधम नागर, मांगेराम शर्मा, देव शर्मा, महावीर आदि भी गन्ने का उचित दाम नहीं मिलने तथा मिलों द्वारा किसानों को गन्ना भुगतान समय से नहीं किए जाने की समस्या लेकर पहुंचे थे। आंगनबाडी कार्यकर्ता भी मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर सभा में पहुंची थी। उनका कहना था कि वेतन बढ़ाने की मांग सीएम से करेंगी क्योंकि आंगनबाडियों पर वेतन कम और काम ज्यादा है।
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माफिया बिगाड़ रहे सरकार की छवि
मवाना। पूर्व विधायक गोपाल काली ने प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में सरकार की छवि खराब करने के लिए माफिया किस्म के लोग हावी हैं।

उन्होंने ज्ञापन में आरोप लगाया कि नगर पालिका मवाना, नगर पंचायत हस्तिनापुर में किए जा रहे निर्माण कार्यों में 50 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। सामान खरीद में बडे़ घोटाले किए जा रहे हैं। आरओ मशीन खरीद में भी उक्त दोनों स्थानों पर बडे़ स्तर पर घोटाला किया जा रहा है। संविदा पर मवाना व हस्तिनापुर में जो कर्मचारी रखे गए हैं, उनमें ज्यादातर लोग काम नहीं करते हैं। उन्हें घर बैठे वेतन दिया जा रहा है। इसमें मोटा कमीशन लिया जा रहा है। उनके द्वारा सीएम को नगर पंचायत अध्यक्ष व उनकी पत्नी के कार्यकाल में घोटालों की शिकायत की गई थी। डीएम की जांच में कई आरोपों की पुष्टि हो गई है। रिपोर्ट कार्रवाई हेतु सचिव नगर विकास को लिखा गया है। खादर क्षेत्र में भू माफिया सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर करोडों कमा रहे हैं। हस्तिनापुर नगर व देहात में बड़े स्तर पर कच्ची शराब का कारोबार पुलिस की शह पर चल रहा है ऐसे आरोप लगाते हुए तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जांच कराने की मांग की गई है।
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