Meerut: 860 आवासीय संपत्तियों में बना दिए गए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, 45 अफसरों और 21 व्यापारियों पर केस दर्ज
मेरठ में आवास विकास परिषद की सेंट्रल मार्केट योजना में 860 आवासीय संपत्तियों पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बन जाने का मामला उजागर हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद कार्रवाई न करने पर 45 अधिकारियों और 21 व्यापारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
विस्तार
आवास विकास परिषद में तैनात रहे 49 अधिकारियों पर 1990 से लेकर अब तक जांच के नाम पर औपचारिकता करने का आरोप है। इनमें से चार अफसरों की मौत हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 661/6 मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। व्यापारियों की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सभी याचिकाएं भी रद्द की जा चुकी हैं।
आवास विकास की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कीम में 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्तियों में व्यावसायिक काॅम्पलेक्स बन गए हैं। इनमें सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, जनरल स्टोर संचालित हैं।
दायर की गई थी अवमानना याचिका :
भूउपयोग के विरुद्ध निर्मित काॅम्प्लेक्स को खाली कराकर ध्वस्त करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया था। इसके चलते अवमानना याचिका दािखल की गई। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।
एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि नौचंदी थाने में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक मुकदमे में आवास विकास परिषद के 45 अफसर नामजद किए हैं। इनमें कुछ सेवानिवृत हो चुके हैं।
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इन व्यापारियों के खिलाफ दर्ज हुआ केस
वीर सिंह निवासी काजीपुर, राजेंद्र कुमार बड़जात्या निवासी होरामनगर बृह्मपुरी, राजीव गुप्ता निवासी शास्त्रीनगर के ब्लॉक, सुषमा शर्मा निवासी शास्त्रीनगर सेक्टर-8, संगीता वाधवा निवासी सोमदत्त विहार, चंद्र प्रकाश गोयल निवासी एफ-ब्लॉक शास्त्रीनगर, निशि गोयल निवासी प्रभातनगर सिविल लाइंस, अमर जीत निवासी नेहरूनगर और सेक्टर-6 शास्त्रीनगर निवासी जगप्रीत कौर, विनोद अरोड़ा, संदीप सिंह, मनदीप सिंह, हरेंद्र चौहान, राकेश मदान, रजत अरोड़ा, शकुंतला देवी, संगीता जैन, संगीता वाधवा, पूनम निवासी, प्रतीक वाधवा, अलका अरोड़ा व अन्य अज्ञात।
अधीक्षण अभियंता द्वितीय एसपीएन सिंह, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता जीएस पालीवाल, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता जमना प्रसाद, अधिशासी अभियंता एके जैन, अधिशासी अभियंता आरके गुप्ता, अधीक्षण अभियंता नरसिंह प्रसाद, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एके बंसल, अधीक्षण अभियंता सीके जैन, अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता हरेंद्र सिंह नरेश, अधीक्षण अभियंता राम सहाय सिंह, अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह, सहायक अभियंता देवेंद्र सिंह, अवर अभियंता रविंद्र कुमार, अवर अभियंता योगेंद्र कुमार वर्मा, सहायक अभियंता उमेश मोहन शर्मा, सहायक अभियंता पिंकू गौतम, सहायक अभियंता डीके गोयल, अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार, सहायक अभियंता शशि भूषण, अवर अभियंता कमल सिंह, अवर अभियंता संजीव शुक्ला, सहायक अभियंता एनके शर्मा, अवर अभियंता सुखबीर सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता सोहनपाल, सेवानिवृत सहायक अभियंता शांति प्रसाद, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता आरपी सिंह, अवर अभियंता जगदीश कुमार अरोरा, अवर अभियंता रतनवीर सिंह, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार वडेरा, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता देवराज वर्मा, सेवानिवृत्त अवर अभियंता बसंत लाल मैनी, सेवानिवृत्त अवर अभियंता एके भटनागर, अवर अभियंता ओमपाल सिंह, अवर अभियंता राम किशन शर्मा, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता चंद्रभान कश्यप, अवर अभियंता रियाजुद्दीन, अधिशासी अभियंता आरए वर्मा, अवर अभियंता जीत सिंह, सहायक अभियंता रविकांत, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता श्रीधर भांडेगावकर, सहायक अभियंता आरके सक्सेना, अधिशासी अभियंता भोलानाथ, अवर अभियंता चंद्रपाल, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता मनोहर कुमार।