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आरामदायक जीवन शैली है जोड़ों के दर्द की जड़

Sat, 12 Oct 2019 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2019 12:00 AM IST
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Comfortable lifestyle is the root of joint pain
आरामदायक जीवन शैली है जोड़ों के दर्द की जड़
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बिजनौर। आराम दायक जीवन शैली जोड़ों में दर्द की समस्या उत्पन्न कर रही है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे में आवश्यकता है अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की। चिकित्सक भी नियमित योग और अन्य फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने की सलाह दते है।
आज वर्ल्ड अर्थराइटिस डे है। वर्तमान में हमारे खानपान में तेजी से बदलाव आया है। आमतौर पर जोड़ों के दर्द की समस्या 40 साल से ऊपर के लोगों में देखने को मिलती है। लेकिन अब युवाओं में भी यह बीमारी होने लगी है। वर्तमान में लोग जंक फूड का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे जोड़ों एवं अन्य हड्डियों में समस्या बढ़ गई है। युवाओं से लेकर बूढ़ों तक में जोड़ों के दर्द की बीमारी देखने को मिल रही है। चिकित्सकों के अनुसार लोगों को कैल्शियम युक्त आहार लेना चाहिए। जिससे हड्डियां मजबूत बनी रहे। जिला अस्पताल के हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ एवं ऑर्थोपेडिक सर्जन डाक्टर संजय कुमार ने बताया कि जोड़ों के दर्द से निजात पाने के लिए शरीर के वजन को स्थिर रखना है। उन्होंने बताया कि वजन को स्थिर रखकर हम अपने जोड़ों के दर्द जैसी समस्या से निजात पा सकते हैं।
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भगवती ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल के स्वामी ऑर्थोपेडिक सर्जन डाक्टर मनु अग्रवाल के अनुसार आजकल की भागदौड़ भरी इस जिंदगी में हमारा लाइफ स्टाइल बहुत बदल चुका है। इससे हमारे शरीर की हड्डियां बेहद कमजोर पड़ने लगी हैं। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को जोड़ों में दर्द आदि की समस्याएं हैं वे पालथी मारकर न बैठें। साथ ही अपने वजन को नियंत्रित रखें। उन्होंने बताया कि आमतौर पर यह समस्या 40 साल से ऊपर के लोगों में देखने को मिलती है। ज्यादा परेशानी होने पर कुशल एवं योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।
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लक्षण
- घुटने में सूजन
- घुटने के अंदर की तरफ तेजी से दर्द होना।
- सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होना।
- पालथी मारकर और उखड़ियो बैठने में दिक्कत होने लगती।
- जमीन पर बैठकर उठने के बाद दर्द होता है।
बचाव के उपाय
- प्रतिदिन व्यायाम करें।
-फास्ट फूड का सेवन न करें।
-शरीर के वजन को स्थिर रखें।
- दैनिक भोजन में पौष्टिक आहार को शामिल करें।
- आयरन व कैल्यिशम का प्रचुर मात्रा में लें।
- पालथी मारकर और उखड़ियो न बैठें।
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