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Meerut News: कॉलेज डायरेक्टर की जिद ने बदली एलिश की किस्मत
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लावड़। ग्रामीण अंचल से निकली एलिश ने कभी नहीं सोचा होगा कि कॉलेज के डायरेक्टर की एक जिद उसकी किस्मत बदल देगी। कॉलेज स्तर पर हो रहे खेलों में एलिश दर्शक बनकर खेलों का मजा ले रही थी। डायरेक्टर ने जैवलिन थ्रो फेंकने की जिद की तो एलिश अव्वल आई। यहीं, से एलिश का सफर खेलों में शुरू हो गया। शनिवार को सैफई में आयोजित 57वीं यूपी स्टेट एथलेटिक्स अंडर 16 की शाॅटपुट प्रतियोगिता में एलिश ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
जलालपुर गांव निवासी दिमाग सिंह प्रधान राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पोती एलिश पुत्री रणविजय सिंह भराला गांव स्थित एमएसबी कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा है। दिमाग सिंह बताते हैं कि छह माह पहले कॉलेज में खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एलिश को खेलों में कोई रूचि नहीं थी, जिस कारण उसने प्रतिभाग नहीं किया।
खेल के बीच में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. राजीव भारद्वाज दर्शक बनकर खेल देख रही एलिश के पास पहुंचे। उन्होंने एलिश से जैवलिन थ्रो में प्रतिभाग करने के लिए कहा, लेकिन एलिश ने मना कर दिया। डायरेक्टर ने जिद कर एलिश को जैवलिन थ्रो में प्रतिभाग कराया। जिसमें एलिश ने प्रथम स्थान पाया। बस यहीं से एलिश का खेलों में सफर शुरू हो गया। पहली जीत से एलिश की खेलों मे रूचि बढ़ गई और उसने सीबीएसई कलस्टर में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। संवाद
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खेल बदला तो झोली में आए स्वर्ण
एलिश ने अपना खेल बदलते हुए शॉटपुट में खेलना शुरू कर दिया। सबसे पहले उसने जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीता और मंडल स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। एलिश ने बताया कि 29 सितंबर से एक अक्तूबर तक सैफई में 57वीं यूपी स्टेट एथलेटिक्स अंडर 16 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें एलिश ने शनिवार को स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। उसकी इस सफलता पर माता पिंकी, दादी कमलेश ने खुशी जाहिर की। पिता रणविजय सिंह का कहना है कि एलिश कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कोच गौरव त्यागी की देखरेख में अभ्यास करती है। उसका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना है। कॉलेज के चेयरमैन अजय भारद्वाज ने एलिश को फोन पर बधाई दी।
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जलालपुर गांव निवासी दिमाग सिंह प्रधान राष्ट्रीय इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पोती एलिश पुत्री रणविजय सिंह भराला गांव स्थित एमएसबी कॉलेज में कक्षा 11वीं की छात्रा है। दिमाग सिंह बताते हैं कि छह माह पहले कॉलेज में खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एलिश को खेलों में कोई रूचि नहीं थी, जिस कारण उसने प्रतिभाग नहीं किया।
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खेल के बीच में कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. राजीव भारद्वाज दर्शक बनकर खेल देख रही एलिश के पास पहुंचे। उन्होंने एलिश से जैवलिन थ्रो में प्रतिभाग करने के लिए कहा, लेकिन एलिश ने मना कर दिया। डायरेक्टर ने जिद कर एलिश को जैवलिन थ्रो में प्रतिभाग कराया। जिसमें एलिश ने प्रथम स्थान पाया। बस यहीं से एलिश का खेलों में सफर शुरू हो गया। पहली जीत से एलिश की खेलों मे रूचि बढ़ गई और उसने सीबीएसई कलस्टर में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। संवाद
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खेल बदला तो झोली में आए स्वर्ण
एलिश ने अपना खेल बदलते हुए शॉटपुट में खेलना शुरू कर दिया। सबसे पहले उसने जिला स्तर पर स्वर्ण पदक जीता और मंडल स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। एलिश ने बताया कि 29 सितंबर से एक अक्तूबर तक सैफई में 57वीं यूपी स्टेट एथलेटिक्स अंडर 16 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें एलिश ने शनिवार को स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। उसकी इस सफलता पर माता पिंकी, दादी कमलेश ने खुशी जाहिर की। पिता रणविजय सिंह का कहना है कि एलिश कैलाश प्रकाश स्टेडियम में कोच गौरव त्यागी की देखरेख में अभ्यास करती है। उसका अगला लक्ष्य राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल करना है। कॉलेज के चेयरमैन अजय भारद्वाज ने एलिश को फोन पर बधाई दी।