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Meerut News: सहकारी समितियों पर अवैध ब्याज वसूली का आरोप

Fri, 08 May 2026 09:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 May 2026 09:21 PM IST
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Co-operative societies accused of illegal interest collection
- एआर सहकारिता बोले, कुछ लोग किसानों को कर रहे हैं गुमराह
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। किसानों को केवल एक ही बैंक से केसीसी ऋण पर ब्याज में छूट मिलने का मामला तूल पकड़ रहा है। कई किसान यूनियनों के पदाधिकारियों ने उप निबंधक सहकारी समिति मेरठ मंडल संदीप राय को ज्ञापन दिया। किसानों ने समस्या के समाधान की मांग की है।
भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष युवा अमित त्यागी गणेशपुर ने कहा कि मेरठ सहित प्रदेश के कई जनपदों में सहकारी समितियों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। किसान सहकारी समिति पर 3 लाख तक के फसली ऋण पर ब्याज दर 7 प्रतिशत ब्याज वसूला जा रहा है।
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भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला अध्यक्ष अजय त्यागी ने कहा कि किसान सेवा सहकारी समितियों द्वारा किसानों से अधिक ब्याज वसूला जा रहा है। इस संबंध में एआर सहकारिता दीपक थेरेजा का कहना है कि सरकार का स्पष्ट आदेश है कि किसान को केवल एक ही बैंक से तीन लाख तक के केसीसी ऋण लेने पर ब्याज दरों का लाभ मिलेगा। जिन किसानों ने केवल सहकारिता बैंक से लोन लिया हुआ है और वह 365 दिन की समय अवधि में ऋण जमा करते हैं तो सहकारिता बैंक उनसे 3 प्रतिशत ब्याज ही वसूलेगा। अगर किसान समय अवधि के बाद ऋण जमा किया जाता है तो उसे सात प्रतिशत ब्याज देना होगा। यदि किसान ने एक से अधिक बैंक से ऋण लिया हुआ है तो सरकार ब्याज की दरों में छूट का लाभ केवल एक ही बैंक से देगी। कुछ लोग किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
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