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सीएम योगी के आदेश का अधिकारियों पर नहीं हुआ असर, जनता हो गई बेहाल

Tue, 25 Apr 2017 07:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 25 Apr 2017 07:26 PM IST
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cm order unaware, 1500 handpump water dry
सीएम योगी आदित्यनाथ

गर्मी बढ़ते ही शहर में डेढ़ हजार हैंडपंपों के हलक सूख गए हैं और जनता बेहाल हो गई है। बावजूद इसके नगर निगम इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह हाल तो तब है जबकि सूबे के सीएम योगी ने स्पष्ट आदेश किए हैं कि जनता पीने के पानी से वंचित न रहे। खराब नलों को तत्काल ठीक कराया जाए। विडंबना देखिए कि हैंडपंपों को केवल कागजों में ही ठीक कराकर इसका पैसा अवमुक्त किया जा रहा है। इसके अलावा पाइप लाइनों में लगे बीस से ज्यादा सबमर्सिबल भी ठप हो गए हैं।

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शहर में 10 हजार हैंडपंप 
शहर क्षेत्र में 10 हजार इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हुए हैं। साथ ही 158 ट्यूबवेल, 575 10 एचपी सबमर्सिबल, 3200 वन एचपी सबमर्सिबल से शहर में पानी की सप्लाई होती है। शहर के बाहरी इलाके जहां ट्यूबवेल और सबमर्सिबल नहीं हैं उन इलाकों में पानी का सबसे बड़ा साधन हैंडपंप ही है। शहर से सटे कंकरखेड़ा, नंगलाताशी, डाबका, लखवाया, दायमपुर, परतापुर, सहित बाहरी इलाकों में लगे हैंडपंप दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। पार्षद और जनता की नगर निगम में दर्ज की गई शिकायत बढ़ती जा रही है। गर्मी होते ही यहां तब तक 1500 हैंडपंप खराब होने की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी हैं। बीस ऐसे सबमर्सिबलों की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है जो पाइप लाइनों में लगे हैं और पानी कम आने की स्थिति में सप्लाई करते थे। खराब होने से अब लाइन में अंतिम छोर तक पानी नहीं जा पा रहा है।

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चिह्नित करने की भी नहीं फुर्सत

cm order unaware, 1500 handpump water dry
शहर में 10 हजार हैंडपंप

प्रदेश सरकार ने लोगों की समस्या को देखते हुए स्पष्ट आदेश किए हैं कि जलकल विभाग सबसे पहले उन ट्यूबवेल, सबमर्सिबल और हैंडपंपों को चिह्नित करेे खराब पड़े हैं, ताकि समय रहते ठीक कराया जा सके। यहां इस आदेश का कोई असर नहीं हो रहा है। नगर निगम जलकल विभाग ने शहर में खराब पड़े हैंडपंप, ट्यूबवेल और सबमर्सिबल को चिह्नित तक नहीं किया है। जबकि गर्मी बढ़ती जा रही है। 

पर भुगतान तो बदस्तूर जारी
भ्रष्टाचार का आलम यह है कि नलों को ठीक किए बगैर ही ठेकेदारों का इसका भुगतान हो रहा है। रोज कई फाइलें इस बाबत तैयार होती हैं और उसका पेमेंट होता है। एक हैंडपंप पर पांच से दस हजार रुपये तक का भुगतान होता है। संपूर्ण रिबोर करने पर यह भुगतान तीस हजार तक का हो जाता है। 

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