फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   City drains became a monument to the failures of the municipal corporation

नगर निगम की नाकामियों का स्मारक बने शहर के नाले

Fri, 16 Jul 2021 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 02:00 AM IST
विज्ञापन
City drains became a monument to the failures of the municipal corporation
मेरठ। शहर के नाले नगर निगम की नाकामियों का स्मारक बन चुके हैं। सफाई के तमाम दावों के बावजूद सभी नाले सिल्ट से अटे पड़े हैं। कई नालों की बाउंड्री भी टूटी पड़ी है। जिसके चलते बारिश में नाले उफनकर सड़क को जलमग्न कर रहे हैं। गंदा पानी घरों में भी घुस रहा है।
विज्ञापन

नगर निगम प्रतिवर्ष 14वें वित और नगर निगम बोर्ड फंड से करोड़ों रुपये नालों पर खर्च करता है। हर साल लगभग पांच करोड़ रुपये तो नाला सफाई के नाम पर खर्च होते हैं। बावजूद नालों की दशा सुधर नहीं सकी। शहर के अधिकतर नालों की बाउंड़ी क्षतिग्रस्त है। बुधवार को हुई मानसून की पहली बारिश में भी नाले उफनकर सड़क पर आ गए थे। नालों की गंदगी आसपास की कॉलोनियों और बाजारों तक पहुंच गई। बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने शहर के मुख्य नालों की पड़ताल की तो पाया कि जगह-जगह नालों की बाउंड्री टूटी पड़ी है। जहां से होकर नालों का पानी कॉलोनियों की तरफ जा रहा है।
विज्ञापन

दुश्वारियां ही दुश्वारियां
-ओडियन नाले की दीवार कबाड़ी बाजार चौराहा से लेकर भूमिया पुल तक 12 से अधिक स्थानों पर टूटी हुई है। नाला पटरी मार्ग पर वाहनों का दबाव भी काफी अधिक होता है। अनियंत्रित होकर वाहन कभी भी नाले में समा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-गांधी आश्रम से नेहरू नगर होकर गुजर रहा नाला कई स्थानों पर टूटा हुआ है। बुधवार को हुई बारिश के दौरान इस नाले की गंदगी नेहरू नगर और फूल बाग के मकानों में जा पहुंची। भारी जलभराव से लोग परेशान रहे।
- पांडव नगर पॉश कॉलोनी है। इस कॉलोनी के बीच से गुजर रहा नाला पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। नाले की पटरी पर अतिक्रमण होने के कारण नाले के कुछ हिस्से की सफाई नहीं हो पाती है। जिसके कारण जगह-जगह टूटी पड़ी नाले की दीवारों के स्थान से नाले की गंदगी घरों में पहुंच रही है। पार्षदों का कहना है कि अनेकों बार प्रस्ताव देने के बाद भी नगर निगम प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है।

---------------
यह बात सही है कि जगह-जगह नालों की बाउंड्री टूटी पड़ी है। पार्षद भी कई बार प्रस्ताव दे चुके हैं, हमने भी मसौदा बनवाया है, लेकिन कुछ कारणवश बाउंड्री नहीं बनवाई जा सकी। इस बार नगर आयुक्त से वार्ता करके इन नालों की टूटी बाउंड्री को बनवाने का प्रयास रहेगा।
-यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed