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आईएमए का विरोध-प्रदर्शनः शहर के क्लीनिक आज रहेंगे बंद, इमरजेंसी खुलेंगी
Fri, 11 Dec 2020 12:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 11 Dec 2020 12:54 AM IST
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IMA
- फोटो : अमर उजाला
आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने से नाराज आईएमए के चिकित्सक शुक्रवार को शाम छह बजे तक ओपीडी बंद रखेंगे। इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को दिक्कत न हो। जो चिकित्सक कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, वह भी करते रहेंगे।
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आयुर्वेद के चिकित्सक तमाम तरह की सर्जरी भी अब कर सकते हैं, इस अध्यादेश के विरोध में 11 दिसंबर को आईएमए के चिकित्सकों का ओपीडी बंद रखने का आह्वान है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े डॉक्टर आयुर्वेदिक चिकित्सक इस अधिकार को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
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आईएमए का तर्क है कि वह किसी चिकित्सा पद्धति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह अध्यादेश सही नहीं है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। आईएमए मेरठ शाखा के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर का कहना है कि गंभीर मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी बढ़ सकती है।
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नीमा नहीं आईएमए के साथ, खोलेंगे क्लिनिक
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) वाले आईएमए के समर्थन में नहीं हैं। बृहस्पतिवार को नीमा के अधिकारियों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि वे भारत सरकार के निर्णय का समर्थन करते हैं। 11 दिसंबर को नीमा के सभी क्लीनिक खुले रहेंगे। वह इस अध्यादेश के समर्थन में क्लीनिक में पिंक (गुलाबी) रिबन बाह पर बांधकर सरकार का समर्थन करेंगे।
सरकार की आवश्यकता अनुरूप विशेष चिकित्सा व्यवस्था के लिए तत्पर रहेंगे। मेरठ में नीमा, जिसके अंतर्गत आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा आते है जिनकी 300 चिकित्सक हैं। इस दौरान अध्यक्ष डॉ. प्रेम प्रकाश शर्मा, सचिव मिस्बाह उर रहमान, कोषाध्यक्ष डॉक्टर एनके राजवंशी, डॉ. भगत सिंह, डॉक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, डॉ. पीयूष शर्मा, डॉ. विजय त्यागी, डॉ. नागेंद्र सिंह, डॉ. अखिलेश शर्मा और डॉ. सुब्रतो सेन मौजूद रहे।