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फरवरी में भी ठिठुरन और कोहरा: सर्दी ने तोड़ा विदाई का मिथक
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अमर उजाला...सर्द मौसम में सीसीएसयू से गुजरती छात्राएं।
आमतौर पर फरवरी का महीना सर्दी की विदाई का संकेत देता है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दोपहर की धूप लोगों को राहत देने लगती है लेकिन इस बार मौसम ने सारे अनुमान उलट दिए हैं। सर्दी अभी जाने के मूड में नहीं दिख रही। कभी घना कोहरा, कभी बारिश और कभी तेज धूप। मौसम की यह आंख-मिचौली आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है। ठंड के चलते लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर की धूप भले ही कुछ देर के लिए राहत देती है।
मंगलवार की शुरुआत भी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुई। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम रही कि सड़कों पर रेंगते वाहन दिखाई दिए। हाईवे पर रफ्तार थम सी गई। लोग जरूरी कामों के लिए निकलने से पहले मौसम को कोसते नजर आए। लगभग एक बजे के बाद धूप जरूर निकली, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली, लेकिन यह राहत अस्थायी ही रही। करीब एक सप्ताह से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से ठंडी हवाएं मैदानों तक पहुंच रही हैं, जिससे ठंड का प्रकोप बना हुआ है।कई जगह दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसके चलते सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, वहीं ट्रेन और उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ रहा है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, अगले दो दिन तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। कोहरा परेशान करेगा और तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मंगलवार की शुरुआत भी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के साथ हुई। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम रही कि सड़कों पर रेंगते वाहन दिखाई दिए। हाईवे पर रफ्तार थम सी गई। लोग जरूरी कामों के लिए निकलने से पहले मौसम को कोसते नजर आए। लगभग एक बजे के बाद धूप जरूर निकली, जिससे ठंड से कुछ राहत मिली, लेकिन यह राहत अस्थायी ही रही। करीब एक सप्ताह से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से ठंडी हवाएं मैदानों तक पहुंच रही हैं, जिससे ठंड का प्रकोप बना हुआ है।कई जगह दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई। इसके चलते सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, वहीं ट्रेन और उड़ानों के संचालन पर भी असर पड़ रहा है।
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, अगले दो दिन तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। कोहरा परेशान करेगा और तापमान सामान्य से नीचे रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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