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खुशखबर : 25 दिन से लेकर 16 साल के 99 फीसदी बच्चे होम आइसोलेशन में कोरोना को दे रहे मात, दूसरी लहर में बढ़ी संख्या 

Tue, 18 May 2021 06:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 18 May 2021 06:22 PM IST
सार

पहली लहर से इस बार बच्चों को कोरोना संक्रमण ज्यादा है। एक साल से कम उम्र से लेकर 16 साल तक के 40 बच्चों के मामले सामने आए हैं। अधिकतर का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है ।

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children from age twenty five days to sixteen year fighting against covid 19 infection in meerut
बच्चों में कोरोना - फोटो : Pixabay

विस्तार

मेरठ की प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले विकास के 25 दिन के बच्चे को बुखार हुआ तो परिजन न्यूटिमा अस्पताल लेकर आ गए। यहां पर बच्चे की जांच कराई तो कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिवार के लोग डर गए। फेफड़ों में संक्रमण के कारण उसकी हालत गंभीर होती जा रही है। सांस नहीं आ रही थी। बच्चे को सात दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया। ऑक्सीजन थेरेपी से सांसें दी गईं। रेमडेसिविर, हैवी एंटीबायटिक और स्टेरॉयड भी दिए। आखिरकार 18 दिन में मासूम ने कोरोना को हरा दिया।
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ये अकेला एक मामला नहीं है। मजबूती इम्युनिटी के चलते बच्चे कोरोना को हरा रहे हैं। 99 फीसदी बच्चे होम आइसोलेशन में कोरोना को मात दे रहे हैं। गंभीर हालत वाले बच्चों को ही अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। बाकी सभी का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।
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शिक्षिका रीटा के 11 वर्षीय बच्चे को बुखार आने पर टेस्ट कराया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। घर पर ही बेटे को आइसोलेट किया हुआ है। ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श लेकर उपचार चल रहा है। बेटे की तबीयत अब ठीक है। 25 दिन के बच्चे का इलाज डॉ. अमित उपाध्याय की देखरेख में हुआ था।
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बड़ों से संक्रमित हो रहे बच्चे 
अब तक 60 से ज्यादा मामले में आ चुके हैं। गनीमत ये है कि 98-99 फीसदी का घरों में उपचार चल रहा है। बच्चों में वायरस अधिकतर घर के बड़ों से आ रहा है। जिन लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है, उनको तो कोरोना वायरस के लक्षण नहीं दिखेंगे, लेकिन वे बच्चों के लिए खतरनाक है। - डॉ. अमित उपाध्याय, वरिष्ठ शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ 

गंभीर बच्चे को ही भेज रहे अस्पताल 
ओपीडी बंद होने के कारण ऑनलाइन ही बच्चों को देख रहे हैं। पहली लहर से इस बार बच्चों को कोरोना संक्रमण ज्यादा है। एक साल से कम उम्र से लेकर 16 साल तक के 40 बच्चों के मामले सामने आए हैं। अधिकतर का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर है, उनको अस्पताल में भेज रहे हैं। - डॉ. उमंग अरोड़ा, शिशु रोग विशेषज्ञ

बच्चों से दूरी बनाकर रखें
बच्चों का कोविड वार्ड अलग नहीं है, लेकिन भर्ती करने की जरूरत भी नहीं पड़ रही है। हल्का संक्रमण आ रहा है। इसका ये मतलब नहीं कि सावधानी नहीं रखें। घर के बाहर से आने वाले बच्चों से दूरी रखें। बच्चे घर में हैं, लेकिन बड़े वायरस ला सकते हैं। अगर घर के किसी सदस्य को संक्रमण है तो होम आइसोलेशन के सभी नियमों का पालन करें। - डॉ. विजय जायसवाल, मेडिकल कॉलेज बाल रोग विभाग प्रभारी 

ये रखें ध्यान 
-बच्चों को पांच दिन से अधिक बुखार है। ज्यादा उल्टियां-दस्त हो रहे हैं। शरीर पर लाल दाने पड़ गए हैं। आंख में लाली है। तो देर न करें, तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें।  
-दो साल से अधिक और पांच साल तक के बच्चे को मास्क लगवाएं, लेकिन उस पर नजर रखें। 10 साल से अधिक वर्ष के बच्चे को मास्क जरूर लगवाएं।
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