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बारिश के बहाने बच्चों ने रचीं कविताएं
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सरधना। बारिश सिर्फ मौसम की एक घटना नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने और उसे महसूस करने का एक अद्भुत अवसर भी है। शुक्रवार को जब झमाझम बारिश शुरू हुई तो पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में बच्चों ने प्रकृति को अपनी कविता में उतार लिया।
कक्षा सातवीं के छात्रों को पानी आया, पानी आया विषय पर कविता रचने के लिए प्रेरित किया गया। प्राची, लवी, यशी, सूर्यवंशी, आवेश खान, समर, अर्नव, खुशी ने भावनात्मक रूप से जोड़ा। डॉ. आरसी पांडेय ने विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की नई पुस्तक मल्हार से पानी रे पानी नामक पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने बच्चों को जल चक्र की अवधारणा वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा को सरल भाषा और संवाद के माध्यम से समझाया।
डॉ. पांडेय ने कहा कि बारिश एक प्राकृतिक घटना भर नहीं, बल्कि बच्चों की संवेदनाओं को उकेरने और उन्हें प्रकृति से जोड़ने का सुनहरा अवसर है। प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने इस नवाचारी शिक्षण प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में विज्ञान शिक्षिका पंकज दीक्षित, मराठी शिक्षक दीपक बाबूराव, मुकुल सिंह शामिल रहे।
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कक्षा सातवीं के छात्रों को पानी आया, पानी आया विषय पर कविता रचने के लिए प्रेरित किया गया। प्राची, लवी, यशी, सूर्यवंशी, आवेश खान, समर, अर्नव, खुशी ने भावनात्मक रूप से जोड़ा। डॉ. आरसी पांडेय ने विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की नई पुस्तक मल्हार से पानी रे पानी नामक पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने बच्चों को जल चक्र की अवधारणा वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा को सरल भाषा और संवाद के माध्यम से समझाया।
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डॉ. पांडेय ने कहा कि बारिश एक प्राकृतिक घटना भर नहीं, बल्कि बच्चों की संवेदनाओं को उकेरने और उन्हें प्रकृति से जोड़ने का सुनहरा अवसर है। प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने इस नवाचारी शिक्षण प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम में विज्ञान शिक्षिका पंकज दीक्षित, मराठी शिक्षक दीपक बाबूराव, मुकुल सिंह शामिल रहे।
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