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20 लाभार्थियों को दिए चूजे, ग्रामीणों में दहशत
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20 लाभार्थियों को दिए चूजे, ग्रामीणों में दहशत
जानीखुर्द। पशुपालन विभाग ने बृहस्पतिवार को गांव नेक में 20 लाभार्थियों को बैकयार्ड पोल्ट्री वितरण योजना के अंतर्गत 50-50 चूजों का वितरण किया। वहीं बर्ड फ्लू के दौरान चूजे बांटने से ग्रामीणों में दहशत है।
गांव नेक में 20 परिवारों को 50-50 चूजे वितरित किए। लाभार्थियों को चूजों के लालन-पालन एवं देख-रेख संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। वहीं ग्रामीणों में बर्ड फ्लू के दौरान ग्रामीणों को चूजे वितरित करने को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कंसल के अनुसार चूजे लाभार्थी को देने से पहले उनका पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इसलिए डरने की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी को चूजे के साथ कुक्कुट आहार भी प्रदान किया जाता है। लाभार्थियों के यहां मुर्गियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए उनको अंडा उत्पादन के लिए प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दिया जाता है। चार से छह माह की उम्र में इन मुर्गे-मुर्गियों का वजन दो से ढाई किलो हो जाता है। इनकी बिक्री के लिए कोई विशेष बाजार की आवश्यकता नहीं होती।
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जानीखुर्द। पशुपालन विभाग ने बृहस्पतिवार को गांव नेक में 20 लाभार्थियों को बैकयार्ड पोल्ट्री वितरण योजना के अंतर्गत 50-50 चूजों का वितरण किया। वहीं बर्ड फ्लू के दौरान चूजे बांटने से ग्रामीणों में दहशत है।
गांव नेक में 20 परिवारों को 50-50 चूजे वितरित किए। लाभार्थियों को चूजों के लालन-पालन एवं देख-रेख संबंधी प्रशिक्षण भी दिया गया। वहीं ग्रामीणों में बर्ड फ्लू के दौरान ग्रामीणों को चूजे वितरित करने को लेकर ग्रामीणों में दहशत है। मुख्य पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कंसल के अनुसार चूजे लाभार्थी को देने से पहले उनका पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। इसलिए डरने की बात नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी को चूजे के साथ कुक्कुट आहार भी प्रदान किया जाता है। लाभार्थियों के यहां मुर्गियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए उनको अंडा उत्पादन के लिए प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन दिया जाता है। चार से छह माह की उम्र में इन मुर्गे-मुर्गियों का वजन दो से ढाई किलो हो जाता है। इनकी बिक्री के लिए कोई विशेष बाजार की आवश्यकता नहीं होती।
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