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Meerut News: नहाय खाय के साथ छठ महापर्व आज से
Fri, 24 Oct 2025 07:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 24 Oct 2025 07:47 PM IST
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- शहर में हजारों परिवार मनाते हैं चार दिवसीय सूर्योपासना का पर्व
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लोक आस्था का छठ महापर्व आज (शनिवार) से नहाय-खाय (नहाए खाए) के साथ शुरू हो रहा है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी माई की आराधना का पर्व है। इसे शुद्धता, आस्था और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले पूरी निष्ठा और संयम के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन में सुख, समृद्धि और संतानों के कल्याण की कामना करते हैं।
व्रती महिलाएं नदी में स्नान के बाद नए वस्त्र धारण कर भोजन ग्रहण करेंगी। इस दिन व्रती के भोजन ग्रहण करने के बाद ही घर के बाकी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं। छठ पूजा की शुरुआत नहाए खाए से होती है। अगले दिन खरना होता है। तीसरे दिन छठ पर्व का प्रसाद बनाया जाता है। उसी दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। व्रत के अंतिम दिन उगते सूर्य की पूजा की जाती है। शनिवार को सूर्योदय 06:26 बजे और सूर्यास्त शाम 05:44 बजे होगा।
शहर में हजारों परिवार छठ पूजा के पर्व मनाते है। शहर में गगोल तीर्थ, रामताल वाटिका, सीसीएस यूनिवर्सिटी कंपाउंड, जेलचुंगी रामलीला ग्राउंड, गांधी आश्रम चौराहा, मोदीपुरम, रोहटा रोड, गंगानगर में सामूहिक आयोजन होते हैं। क्लोज डोर कॉलोनियों में आयोजन किए जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस पर्व पर छठी माई की पूजा के साथ भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। महिलाएं बच्चों के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए 36 घंटे तक कठिन उपवास करती हैं। स्नान, उपवास होता है। महिलाएं निर्जला रहकर पानी में खड़ी होती हैं। प्रसाद में ठेकुआ आदि तैयार किया जाता है।
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25 अक्तूबर शनिवार : नहाय खाय
26 अक्तूबर रविवार : खरना
27-28 अक्तूबर: अर्घ्य
पर्व को लेकर उत्साहित परिवार
-गंगा नगर निवासी रिंकी कुमारी ने बताया कि हमने बचपन में जो परंपरा देखी है वही निभा रही हूं। मेरे दो पुत्र हैं, बच्चों सहित पूरे परिवार के मंगलमय की कामना की है।
- आरकेपुरम निवासी ममता देवी ने कहती हैं कि 30 साल से छठ पूजा कर रहीं हूं। अपने बच्चों के लिए रखा है।
- तक्षशिला निवासी पुष्पा ने बताया कि वे 15 सालों से व्रत रख रहीं हैं। इससे पहले उनकी सास व्रत रखती थीं।
- गुप्ता कॉलोनी निवासी अंजू देवी ने बताया कि इस पर्व को लेकर वह एक महीने से तैयारी में जुटी हैं। परिवार में बहुत उत्साह है।
माधवपुर में रहने वाली मूल रूप से बिहार के छपरा निवासी कांता देवी कहती हैं कि वह 17 वर्षों से छठ पर व्रत रखती हैं। बेटे के बीमार होने पर उसके स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी उसके ठीक होने के बाद हर साल छठ मैया का वृत रखती हैं।
शताब्दीनगर सेक्टर चार सी निवासी टीनापाल से बताया कि छठ मैया की कृपा से उनका परिवार खुशहाल है। हर साल उनका परिवार रीति रिवाज से छठ पर्व मनाता है।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लोक आस्था का छठ महापर्व आज (शनिवार) से नहाय-खाय (नहाए खाए) के साथ शुरू हो रहा है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी माई की आराधना का पर्व है। इसे शुद्धता, आस्था और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने वाले पूरी निष्ठा और संयम के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देकर जीवन में सुख, समृद्धि और संतानों के कल्याण की कामना करते हैं।
व्रती महिलाएं नदी में स्नान के बाद नए वस्त्र धारण कर भोजन ग्रहण करेंगी। इस दिन व्रती के भोजन ग्रहण करने के बाद ही घर के बाकी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं। छठ पूजा की शुरुआत नहाए खाए से होती है। अगले दिन खरना होता है। तीसरे दिन छठ पर्व का प्रसाद बनाया जाता है। उसी दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। व्रत के अंतिम दिन उगते सूर्य की पूजा की जाती है। शनिवार को सूर्योदय 06:26 बजे और सूर्यास्त शाम 05:44 बजे होगा।
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शहर में हजारों परिवार छठ पूजा के पर्व मनाते है। शहर में गगोल तीर्थ, रामताल वाटिका, सीसीएस यूनिवर्सिटी कंपाउंड, जेलचुंगी रामलीला ग्राउंड, गांधी आश्रम चौराहा, मोदीपुरम, रोहटा रोड, गंगानगर में सामूहिक आयोजन होते हैं। क्लोज डोर कॉलोनियों में आयोजन किए जाते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस पर्व पर छठी माई की पूजा के साथ भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। महिलाएं बच्चों के स्वास्थ्य, सफलता और दीर्घायु के लिए 36 घंटे तक कठिन उपवास करती हैं। स्नान, उपवास होता है। महिलाएं निर्जला रहकर पानी में खड़ी होती हैं। प्रसाद में ठेकुआ आदि तैयार किया जाता है।
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25 अक्तूबर शनिवार : नहाय खाय
26 अक्तूबर रविवार : खरना
27-28 अक्तूबर: अर्घ्य
पर्व को लेकर उत्साहित परिवार
-गंगा नगर निवासी रिंकी कुमारी ने बताया कि हमने बचपन में जो परंपरा देखी है वही निभा रही हूं। मेरे दो पुत्र हैं, बच्चों सहित पूरे परिवार के मंगलमय की कामना की है।
- आरकेपुरम निवासी ममता देवी ने कहती हैं कि 30 साल से छठ पूजा कर रहीं हूं। अपने बच्चों के लिए रखा है।
- तक्षशिला निवासी पुष्पा ने बताया कि वे 15 सालों से व्रत रख रहीं हैं। इससे पहले उनकी सास व्रत रखती थीं।
- गुप्ता कॉलोनी निवासी अंजू देवी ने बताया कि इस पर्व को लेकर वह एक महीने से तैयारी में जुटी हैं। परिवार में बहुत उत्साह है।
माधवपुर में रहने वाली मूल रूप से बिहार के छपरा निवासी कांता देवी कहती हैं कि वह 17 वर्षों से छठ पर व्रत रखती हैं। बेटे के बीमार होने पर उसके स्वस्थ होने की मन्नत मांगी थी उसके ठीक होने के बाद हर साल छठ मैया का वृत रखती हैं।
शताब्दीनगर सेक्टर चार सी निवासी टीनापाल से बताया कि छठ मैया की कृपा से उनका परिवार खुशहाल है। हर साल उनका परिवार रीति रिवाज से छठ पर्व मनाता है।