{"_id":"673f61cb1f3616d17b0ef13e","slug":"chetan-cheetah-took-nine-bullets-lost-one-eye-still-killed-a-terrorist-2024-11-21","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चेतन चीता... नौ गोलियां खाईं, एक आंख गंवाई, फिर भी आतंकी को किया ढेर, 45 दिन कोमा में रहकर लौटे ड्यूटी पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेतन चीता... नौ गोलियां खाईं, एक आंख गंवाई, फिर भी आतंकी को किया ढेर, 45 दिन कोमा में रहकर लौटे ड्यूटी पर
Thu, 21 Nov 2024 10:09 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 21 Nov 2024 10:09 PM IST
सार
सीआरपीएफ कमांडेंट व कीर्ति चक्र प्राप्त चेतन चीता ने बृहस्पतिवार को सीसीएसयू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की और अपने अनुभव साझा किए।
विज्ञापन
कमांडर चेतन चीता।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीपीएस सिस्टम लागू होने से हादसे कम हो गए हैं। क्योंकि पहले किसी भी मिशन पर जाने के लिए नक्शे का प्रयोग किया जाता था, जिससे रास्ता सही से पता नहीं लगता था। मगर अब सेना भी हाइटेक हो गई है। कोई भी काम करो, उसे ईमानदारी और लगन के साथ करो। देश सेवा के लिए सेना की वर्दी जरूरी नहीं, इसके बिना भी देश के प्रति समर्पित रहा जा सकता है। यह बात चौधरी चरण सिंह विवि के नेताजी सुभाष चंद्रबोस प्रेक्षागृह में आयोजित इनीशिएटिव फॉर मोरल एंड कल्चरल ट्रेनिंग फाउंडेशन के परमवीर वंदनम समारोह में सीआरपीएफ कमांडेंट व कीर्ति चक्र प्राप्त चेतन चीता ने कही।
विज्ञापन
विचार रखते गणवंत कोठारी।
- फोटो : अमर उजाला
चेतन चीता ने छात्रों को उस ऑपरेशन के बारे में भी बताया, जिसमें उन्होंने आतंकियों से सीधा लोहा लेते हुए नौ गोलियां खाई थीं और एक आंख गंवा दी थी। इसके बाद भी उन्होंने आतंकी ढेर कर दिया था। 45 दिन से अधिक वे कोमा में रहे और सही होकर फिर से देश सेवा में जुट गए। चेतन चीता ने कहा, सेना में सबसे ज्यादा अनुशासन और जज्बे की जरूरत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम में मौजूद लोग।
- फोटो : अमर उजाला
अब पहले जैसे नहीं होते ऑपरेशन
नक्सलवाद के बारे में चर्चा करते हुए चेतन चीता ने कहा, अब पहले जैसे ऑपरेशन नहीं होते। जब वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन को जाते हैं तो रास्ते एवं पगडंडी पर नहीं चलते, बल्कि जीपीएस के सहारे घने जंगलों में आगे बढ़ते हैं। यदि वे रास्ते या पगडंडी पर चले तो ट्रैप होने का खतरा रहता है। कमांडेंट के अनुसार नक्सली ऑपरेशन में जीपीएस का नया प्रयोग हो रहा है। इससे नुकसान कम हुआ है। यही स्थिति रही तो अगले दो-तीन साल में नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
नक्सलवाद के बारे में चर्चा करते हुए चेतन चीता ने कहा, अब पहले जैसे ऑपरेशन नहीं होते। जब वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन को जाते हैं तो रास्ते एवं पगडंडी पर नहीं चलते, बल्कि जीपीएस के सहारे घने जंगलों में आगे बढ़ते हैं। यदि वे रास्ते या पगडंडी पर चले तो ट्रैप होने का खतरा रहता है। कमांडेंट के अनुसार नक्सली ऑपरेशन में जीपीएस का नया प्रयोग हो रहा है। इससे नुकसान कम हुआ है। यही स्थिति रही तो अगले दो-तीन साल में नक्सलवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
कार्यक्रम की प्रस्तुति देती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
टिकटॉक-यूट्यूब छोड़ें, शिक्षकों का करें सम्मान
एयर वाइस मार्शल डॉ.देवेश वत्स ने कहा कि पढ़-लिखकर युवा विदेश जाना चाहते हैं। पैसा कमाना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसमें देश सेवा नहीं है। भले ही कम कमाओ, लेकिन देश का गौरव बढ़ाओ। देवेश वत्स ने चुटकी ली कि विवाहित हो या फिर अविवाहित बिना वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ईमेल काम नहीं चलता। टिकटॉक-यूट्यूब छोड़ें, शिक्षकों का सम्मान करें।
एयर वाइस मार्शल डॉ.देवेश वत्स ने कहा कि पढ़-लिखकर युवा विदेश जाना चाहते हैं। पैसा कमाना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसमें देश सेवा नहीं है। भले ही कम कमाओ, लेकिन देश का गौरव बढ़ाओ। देवेश वत्स ने चुटकी ली कि विवाहित हो या फिर अविवाहित बिना वाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ईमेल काम नहीं चलता। टिकटॉक-यूट्यूब छोड़ें, शिक्षकों का सम्मान करें।
मंच पर शहीदों की तस्वीरें।
- फोटो : अमर उजाला
गलत बात का करें विरोध
सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट अमित कुमार ने कश्मीर में हुए एक आपॅरेशन के बारे में बताया कि हमें गलत बात का विरोध करना चाहिए। छात्र ईमानदारी और मेहनत से काम करें तो सफलता कदम चूमेगी।
सीआरपीएफ में सहायक कमांडेंट अमित कुमार ने कश्मीर में हुए एक आपॅरेशन के बारे में बताया कि हमें गलत बात का विरोध करना चाहिए। छात्र ईमानदारी और मेहनत से काम करें तो सफलता कदम चूमेगी।
बेहतर लीडर बनने के लिए बनाना होगा सिद्धांत
ग्रुप कमांडर एनसीसी ब्रिगेडियर नवीन राठी ने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में आपने नो योर मैन, नो योर जॉब एवं नो योर योरसेल्फ के सिद्धांत को लागू कर लिया तो आप बेहतर लीडर हो सकते हो। भारतीय सेना दुनिया की एकमात्र सेना है, जिसने युद्धक्षेत्र में हजारों मील जमीन जीतने और लाखों युद्धबंदी बनाने के बावजूद वापस कर दिया।
ग्रुप कमांडर एनसीसी ब्रिगेडियर नवीन राठी ने कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में आपने नो योर मैन, नो योर जॉब एवं नो योर योरसेल्फ के सिद्धांत को लागू कर लिया तो आप बेहतर लीडर हो सकते हो। भारतीय सेना दुनिया की एकमात्र सेना है, जिसने युद्धक्षेत्र में हजारों मील जमीन जीतने और लाखों युद्धबंदी बनाने के बावजूद वापस कर दिया।
उल्फा आतंकवादी को पहना दी आर्मी ड्रेस : कर्नल त्यागी
कर्नल राजेश त्यागी ने उल्फा कैंप को ध्वस्त करने के ऑपरेशन को सफल बनाने की कहानी साझा की। कहा कि उन्होंने जिस उल्फा आतंकवादी को जीवित पकड़ा था, उसे आर्मी यूनिफॉर्म पहनाकर अपने साथ रखा। उन्होंने 37 दिनों तक यह मिशन चलाया। इसमें उल्फा की दो कंपनियों ने सरेंडर कर दिया था।
ये रहे मौजूद
विवि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रो. जयमाला, डॉ. अर्पित, प्रो. प्रशांत कुमार,निधि भाटिया, प्रवीण आदि मौजूद रहे।
कर्नल राजेश त्यागी ने उल्फा कैंप को ध्वस्त करने के ऑपरेशन को सफल बनाने की कहानी साझा की। कहा कि उन्होंने जिस उल्फा आतंकवादी को जीवित पकड़ा था, उसे आर्मी यूनिफॉर्म पहनाकर अपने साथ रखा। उन्होंने 37 दिनों तक यह मिशन चलाया। इसमें उल्फा की दो कंपनियों ने सरेंडर कर दिया था।
ये रहे मौजूद
विवि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, विवि के पूर्व कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रो. जयमाला, डॉ. अर्पित, प्रो. प्रशांत कुमार,निधि भाटिया, प्रवीण आदि मौजूद रहे।