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Meerut News: कार्तिक पूर्णिमा के साथ सम्पन्न होगा चातुर्मास, होगा दीपदान
Mon, 03 Nov 2025 08:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 03 Nov 2025 08:58 PM IST
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कल मनाया जाएगा पर्व, इस दिन व्रत रखने से मनुष्य को होती है दोहरे फल की प्राप्ति
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को पूजा पाठ के साथ जप और दान का करना शुभ होगा। यह दिन भगवान विष्णु के अलावा भोलेनाथ को भी प्रिय हैं। दीपदान कर देव दीपावली मनाई जाएगी। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन गंगा में स्नान और दान करने से पाप धुल जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से मनुष्य को दोहरे फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है।
- कार्तिक मास व्रत का होगा उद्यापन
- कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान पुण्यदान के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरे माह व्रत करने वाले लोग सूर्योदय से पूर्व विभिन्न सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नानान आदि से निवृत्त होकर तुलसा का शृंगार किया जाता है। अग्नि की स्थापना कर और ब्राह्मण द्वारा विष्णु भगवान को तिल, घी आदि से हवन कर फिर सर्वतोभद्र मंडलीय देवताओं के लिए एक घी की आहुति देकर होम समाप्त करे और पूर्णाहूति देते हैं।
- आज के दिन दीपदान का होता है विशेष महत्व
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी जाती है। घर, मंदिर, नदी, तालाब में दीपदान कर देव दीपावली का मनाई जाती है। आचार्य कौशल ने बताया कि अग्निपुराण में कहा गया है कि दीपदान से बढ़कर कोई व्रत नहीं है। इसका बहुत पुण्य मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भी अपने पुत्र कार्तिकेय को दीपदान का महात्म्य बताया है। यही कारण है कि कार्तिक के पूरे महीने में दीपदान किया जाता है और इसका शुभ फल प्राप्त होता है। इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, 51 दीपों का दान करना चाहिए।
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- सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ कार्तिक पूर्ण
- हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग के महासंयोग के साथ साथ देव दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन शिववास योग, ग्रहों के स्वामी सूर्यदेव और देव गुरु बृहस्पति का संयोग बन रहा है। जिससे त्रिदशांक योग होगा। सिद्धि योग सफलता और शुभता देगा। शिववास योग में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाएगी।
कार्तिक मास व्रत का होगा उद्यापन
- कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान पुण्यदान के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरे माह व्रत करने वाले लोग सूर्योदय से पूर्व विभिन्न सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नानादिक से निवृत्त होकर तुलसा का शृंगार किया जाता है। अग्नि की स्थापना कर और ब्राह्मण द्वारा विष्णु भगवान को तिल, घी आदि से हवन कर फिर सर्वतोभद्र मंडलीय देवताओं के लिए एक घी की आहुति देकर होम समाप्त करे और पूर्णाहूति देते हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को पूजा पाठ के साथ जप और दान का करना शुभ होगा। यह दिन भगवान विष्णु के अलावा भोलेनाथ को भी प्रिय हैं। दीपदान कर देव दीपावली मनाई जाएगी। इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस दिन गंगा में स्नान और दान करने से पाप धुल जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से मनुष्य को दोहरे फल की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है।
- कार्तिक मास व्रत का होगा उद्यापन
- कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान पुण्यदान के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरे माह व्रत करने वाले लोग सूर्योदय से पूर्व विभिन्न सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नानान आदि से निवृत्त होकर तुलसा का शृंगार किया जाता है। अग्नि की स्थापना कर और ब्राह्मण द्वारा विष्णु भगवान को तिल, घी आदि से हवन कर फिर सर्वतोभद्र मंडलीय देवताओं के लिए एक घी की आहुति देकर होम समाप्त करे और पूर्णाहूति देते हैं।
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- आज के दिन दीपदान का होता है विशेष महत्व
- कार्तिक पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी जाती है। घर, मंदिर, नदी, तालाब में दीपदान कर देव दीपावली का मनाई जाती है। आचार्य कौशल ने बताया कि अग्निपुराण में कहा गया है कि दीपदान से बढ़कर कोई व्रत नहीं है। इसका बहुत पुण्य मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव ने भी अपने पुत्र कार्तिकेय को दीपदान का महात्म्य बताया है। यही कारण है कि कार्तिक के पूरे महीने में दीपदान किया जाता है और इसका शुभ फल प्राप्त होता है। इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, 51 दीपों का दान करना चाहिए।
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- सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ कार्तिक पूर्ण
- हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग के महासंयोग के साथ साथ देव दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन शिववास योग, ग्रहों के स्वामी सूर्यदेव और देव गुरु बृहस्पति का संयोग बन रहा है। जिससे त्रिदशांक योग होगा। सिद्धि योग सफलता और शुभता देगा। शिववास योग में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाएगी।
कार्तिक मास व्रत का होगा उद्यापन
- कार्तिक पूर्णिमा का पर्व बुधवार को विभिन्न अनुष्ठान पुण्यदान के साथ मनाया जाएगा। इस दिन पूरे माह व्रत करने वाले लोग सूर्योदय से पूर्व विभिन्न सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नानादिक से निवृत्त होकर तुलसा का शृंगार किया जाता है। अग्नि की स्थापना कर और ब्राह्मण द्वारा विष्णु भगवान को तिल, घी आदि से हवन कर फिर सर्वतोभद्र मंडलीय देवताओं के लिए एक घी की आहुति देकर होम समाप्त करे और पूर्णाहूति देते हैं।