निवेशकों और कारोबारियों का बुरा हाल, पिछले 10 सालों में सोने ने ऐसे बदली चाल, पढ़िए खास रिपोर्ट
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सोना, चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों की नींद उड़ा दी। सात दिन में सोना 58 हजार से फिसलकर 54 हजार पर आ गया। वहीं, चांदी में नौ हजार रुपये तक गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन से कीमतों में गिरावट से निवेशक चुप है। वहीं, आपदा काल में सोना बेचकर पूंजी लेने वाले भी शांत हैं। उन्हें दामों में शीघ्र उछाल आने की उम्मीद है।
सोना, चांदी की कीमतों में बदलाव का दौर बृहस्पितवार को भी जारी रहा। सराफा बाजार में सोने का भाव 54,100 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी के दाम 62,500 रुपये प्रति किलो रहे। हालांकि बुधवार को सोना 53, 500 और चांदी की कीमत 62,200 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। बीती सात अगस्त को सोने का भाव 58 हजार रुपये था। वहीं, चांदी 70 हजार रुपये पर टूटी थी।
पांच माह में 18 हजार रुपये बढ़ा सोना
नील गली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश रस्तोगी कहते हैं कि पिछले पांच महीने में सोने के दाम में 18 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई। पिछले 100 सालों के इतिहास में यह सबसे अधिक बढ़त है। मार्च में सोने का भाव 40 रुपये हजार था। यह सात अगस्त तक 58 हजार तक पहुंच गया। यही हालात चांदी का भी है। वहीं, आबूलेन में साव्या ज्वेलर्स के संचालक अमित गुप्ता के अनुसार ज्वेलरी का बाजार टूट चुका है। लोग गहने नहीं खरीद रहे बल्कि ठोस सोने में निवेश कर रहे हैं।
सराफा बाजार ग्राहक नहीं अटकलों से गर्म
इब्जा के महामंत्री दिनेश भारद्वाज कहते हैं कि सोना-चांदी की कीमतों में पिछले सात दिनों में आई गिरावट से निवेशक परेशान हैं। सराफा बाजार में बृहस्पतिवार को भी ग्राहक नहीं था। केवल अटकलों और चर्चाओं का बाजार गर्म था। सराफा कारोबारी अंकुर जैन ने बताया कि लोगों को भय है कि आपदा काल में खरीदा सोना घाटा न करा दे।
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रेट मीटर पर लगी निगाहें
अमेरिकी डॉलर और रुपये की स्थिति के आधार पर सोने व चांदी की कीमतें तय होती हैं। इसे जानने के लिए निवेशक रेट मीटर पर आंखें लगाए रहे। नील गली, सदर सराफा, शहर सराफा हर जगह यही आलम था। ज्वेलर्स ने मुंबई तक बार-बार रेट पता करने के लिए फोन घुमाए। एमसीएक्स के कारोबारी भी परेशान दिखे।
घाटे का सौदा न बन जाए महंगा सोना
सराफा कारोबारी संत कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले दो दिन से बाजार सूना है। निवेश के लिए खरीदा सोना कहीं झटका न दे जाए। लॉकडाउन में केवल निवेशक सोना-चांदी खरीद रहे हैं। शॉर्ट टर्म निवेशक और एमसीएक्स में तुरंत लाभ के लिए ठोस सोने की खरीद की थी। संपन्न वर्ग भविष्य की सुरक्षा के लिए सोने में निवेश कर रहा था। आम ग्राहक और व्यापारी वर्ग लॉकडाउन में आई आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए पुराना सोना बेच रहा था।
दिसंबर तक 60 हजार पहुंच सकती है कीमत
बाजार विशेषज्ञों की माने तो सोना, चांदी की कीमतों में अचानक आया उछाल भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। कीमतें नियमित बढ़ती हैं तो अचानक गिरावट भी आती है। सोना दिसंबर तक बढ़कर 60 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।
कीमतों में अचानक गिरावट आने से बाजार को नुकसान है। शॉर्ट टर्म निवेशक और छोटे कारोबारी को इससे भारी नुकसान है। जिन्होंने महंगा सोना खरीदा है। उन्हें सस्ते में बेचना पड़ेगा। भविष्य की सुरक्षा के लिए किया गया निवेश इससे प्रभावित नहीं होगा। - रविप्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन
कोरोना संक्रमण के चलते बाजार में छोटा ग्राहक नहीं है। केवल बुलियन और निवेशक ही सॉलिड सोना ले रहे हैं। कीमतों में आई गिरावट के कारण ग्राहक असुरक्षित महसूस कर रहा है। उसे कीमतें और गिरने की उम्मीद है, तो बेचने वाले बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए हैं। - विजयानंद अग्रवाल, महामंत्री मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन
सोने की पिछले दस सालों की कीमतें
लिस्ट -- पिछले तीन दिन में ऐसे आया कीमतों में अंतर
तिथि--- सोना 10 ग्राम भाव - चांदी प्रति किलो भाव
11 अगस्त- 56, 850 68100
12 अगस्त- 53750- 62000
13 अगस्त- 54100- 62650
10 सालों में सोने ने ऐसे बदली चाल
वर्ष---सोने की कीमतें प्रति दस ग्राम
2010- 18,500
2011- 26, 400
2012- 31,050
2013- 29, 600
2014- 28,006
2015- 26,343
2016- 28, 623
2017- 29, 667
2018- 31, 438
2019- 40, 000
2020- 40, 000 मार्च
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