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लंदन में हुआ समारोह, गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश को सौंपी ट्राफी
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लंदन में हुआ समारोह, गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश को सौंपी ट्राफी
मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को उदार परोपकारी (जेनरस फिलैन्थ्रपिस्ट) श्रेणी में 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड दिया गया है। मुख्य समारोह लंदन में हुआ। गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राहुल राणा ने टिकैत को यह अवार्ड दिया है।
लंदन की स्क्वेयरड वाटरमेलन कंपनी दुनिया के लिए मिसाल बनने वाली शख्सियतों को हर साल आइकॉन अवार्ड देती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राहुल राणा और भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि कंपनी की ओर से 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड के फाइनलिस्ट की घोषणा दो दिसंबर को की गई थी। शुक्रवार रात को लंदन में मुख्य समारोह हुआ। कृषि कानूनों के खिलाफ चले लंबे आंदोलन की वजह से चौधरी राकेश टिकैत को उदार परोपकारी (जेनरस फिलैन्थ्रपिस्ट) कैटेगरी का 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड दिया गया है। राहुल राणा ने बताया कि राकेश टिकैत ने देश के किसानों को नई उम्मीद बंधाई। किसानों के हित में यह लड़ाई लड़ी गई, इस वजह से इस श्रेणी में उनका चयन हुआ है। एक साल से अधिक लंबे समय तक चले आंदोलन में टिकैत मोर्चे पर डटे रहे।
टिकैत के आंसुओं ने जिंदा किया आंदोलन
तीन कृषि कानूनों के विरोध में सिसौली से लेकर दुनियाभर में राकेश टिकैत के नाम की गूंज हुई। गाजीपुर बॉर्डर पर डेरा जमाया और अडिग रहे। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से आंदोलन सवालों के घेरे में आ गया था, लेकिन भाकियू प्रवक्ता के आंसू छलके तो आंदोलन फिर से जिंदा हो गया था।
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चार साल पहले शुरू किए गए थे अवार्ड
राहुल राणा ने बताया कि कंपनी की ओर से गायक सोनू निगम, शंकर महादेवन, फैशन के लिए राघवेंद्र राठौर, तकनीकी क्षेत्र के लिए धीरज मुखर्जी को यह अवार्ड मिल चुका है। इसमें ट्रॉफी प्रदान की जाती है। 2017 में यह पहल की गई थी। अब तक 2018, 2019 और 2020 के लिए अवार्ड घोषित हो चुके हैं।
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मुजफ्फरनगर। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को उदार परोपकारी (जेनरस फिलैन्थ्रपिस्ट) श्रेणी में 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड दिया गया है। मुख्य समारोह लंदन में हुआ। गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचकर कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राहुल राणा ने टिकैत को यह अवार्ड दिया है।
लंदन की स्क्वेयरड वाटरमेलन कंपनी दुनिया के लिए मिसाल बनने वाली शख्सियतों को हर साल आइकॉन अवार्ड देती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राहुल राणा और भाकियू प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि कंपनी की ओर से 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड के फाइनलिस्ट की घोषणा दो दिसंबर को की गई थी। शुक्रवार रात को लंदन में मुख्य समारोह हुआ। कृषि कानूनों के खिलाफ चले लंबे आंदोलन की वजह से चौधरी राकेश टिकैत को उदार परोपकारी (जेनरस फिलैन्थ्रपिस्ट) कैटेगरी का 21वीं सेंचुरी आइकॉन अवार्ड दिया गया है। राहुल राणा ने बताया कि राकेश टिकैत ने देश के किसानों को नई उम्मीद बंधाई। किसानों के हित में यह लड़ाई लड़ी गई, इस वजह से इस श्रेणी में उनका चयन हुआ है। एक साल से अधिक लंबे समय तक चले आंदोलन में टिकैत मोर्चे पर डटे रहे।
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टिकैत के आंसुओं ने जिंदा किया आंदोलन
तीन कृषि कानूनों के विरोध में सिसौली से लेकर दुनियाभर में राकेश टिकैत के नाम की गूंज हुई। गाजीपुर बॉर्डर पर डेरा जमाया और अडिग रहे। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा से आंदोलन सवालों के घेरे में आ गया था, लेकिन भाकियू प्रवक्ता के आंसू छलके तो आंदोलन फिर से जिंदा हो गया था।
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चार साल पहले शुरू किए गए थे अवार्ड
राहुल राणा ने बताया कि कंपनी की ओर से गायक सोनू निगम, शंकर महादेवन, फैशन के लिए राघवेंद्र राठौर, तकनीकी क्षेत्र के लिए धीरज मुखर्जी को यह अवार्ड मिल चुका है। इसमें ट्रॉफी प्रदान की जाती है। 2017 में यह पहल की गई थी। अब तक 2018, 2019 और 2020 के लिए अवार्ड घोषित हो चुके हैं।