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Meerut News: सोशल मीडिया पर व्यापारी नेताओं में बढ़ी तकरार, फूट रहा गुस्सा

Tue, 28 Oct 2025 02:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 28 Oct 2025 02:54 AM IST
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Central market issue, fight on social media
मेरठ। सेंट्रल मार्केट में 661/6 के ध्वस्तीकरण का मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के फोटो, वीडियो लोग शेयर कर रहे हैं। व्यापारी नेता भी सालों से अपने संघर्ष का हवाला देकर जनप्रतिनिधियों और व्यापारी नेताओं के साथ न देने पर तंज कस रहे हैं। इस पर तमाम दुकानदार और शहर के लोग तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
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व्यापारी नेता किशोर वाधवा ने कॉम्पलेक्स को तैयार करने में किए गए संघर्ष की भावपूर्ण पोस्ट की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि अपने जीवनकाल में यह मंजर भी देखना पड़ेगा। 1989 में यहां किराए की दुकान लेकर शुरुआत की थी। धीरे-धीरे ईश्वर ने हाथ पकड़ा और दुकान खरीदी। फिर आठ दुकानों की छत खरीदी। उस पर मेरे दोनों बेटों ने ट्रेवल एजेंसी ड्रीम ट्रिप फॉर यू प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस बनाया। शायद यूपी में भी इतना सुंदर ट्रैवलिंग का कोई ऑफिस होगा। पूरे संघर्ष को उन्होंने बताते हुए दुकानदारों की पीड़ा को भी उकेरा है। किशोर वाधवा ने जनप्रतिनिधि और व्यापारी नेताओं पर भी तंज कसे। किशोर वाधवा ने ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी व्यापारी नेता के न आने पर अफसोस जताते हुए खरी-खोटी सुनाई।
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कहां जाएं, क्या करें ... कुछ समझ नहीं आता
सोमवार को सेंट्रल मार्केट में चल रहे धरना-प्रदर्शन में संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने किशोर वाधवा का नाम लिए उनकी हरकत की निंदा की। हालांकि बाद में वाधवा की वॉल से वह पोस्ट हट गया। ऐसे ही युवा व्यापारी नेता रजत अरोड़ा ने इसे सेंट्रल मार्केट के व्यावसायियों के लिए काला दिन बताया। उन्होंने अपनी भावुक पोस्ट में बताया कि जब 2012 में मैंने कुछ दुकानें बनाई थीं, जिंदगी सुरक्षित और आगे बढ़ने की उम्मीदों से भरी हुई लगती थी। पर आज समझ नहीं आ रहा कि कहां जाएं, क्या करें ... कुछ समझ नहीं आता। एक पूरा दौरा आज समाप्त हो गया। उन्होंने लिखा कि सेंट्रल मार्केट की 35 साल पुरानी इमारत को गिरा दिया गया। वही जगह जहां हजारों सपने और रोजगार खड़े थे। आखिर इन व्यावसायियों की गलती थी। इस पोस्ट में वह अंत में लिखते हैं कि हमें सरकार और सत्ताधारी दल के प्रतिनिधियों से उम्मीद थी पर वो कोई रास्ता नहीं निकाल पाए। उल्लेखनीय है कि रजत अरोड़ा व्यापारी नेता स्व. विनोद अरोड़ा के पुत्र हैं। उधर, हैप्पी ग्रोवर खुद को पंजाबी बताते हुए आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना को घेरा है। अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के लिए उन्हें कसूरवार ठहराया है।
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