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सेंट्रल मार्केट प्रकरण: छोटे व्यापारियों को सेट बैक से मिल सकती है राहत, इस नियम का मिला हवाला

Sun, 12 Apr 2026 11:49 PM IST
Pratyush Sharma न्यूज़ नेटवर्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज़ नेटवर्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Pratyush Sharma Updated Sun, 12 Apr 2026 11:49 PM IST
सार

सेंट्रल मार्केट के उन छोटे व्यापारियों के लिए राहत की एक किरण दिखाई दी है जिनके व्यापार पर सेटबैक (खुला स्थान) के नियमों के कारण संकट मंडरा रहा है। रविवार को मूल रूप से यहीं के निवासी और वर्तमान में आगरा में अपनी फर्म चला रहे इंजीनियर हेमत सिंह धरने पर बैठे व्यापारियों के बीच पहुंचे और तकनीकी व कानूनी बारीकियों से उन्हें अवगत कराया।

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Central Market Case: Small Traders May Find Relief from 'Setback' Norm; Reference Cited to Specific Rule
नियमावली लेकर पहुंचे इंजीनियर हेमंत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों के बीच पहुंचे इंजीनियर हेमंत सिंह ने आवास एवं शहरी नियोजन नियमावली 1982 का हवाला देते हुए कहा कि इस नियमावली में मुख्य जोर वेंटिलेशन (हवा के आवागमन) पर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान समय में वेंटिलेशन के लिए एग्जॉस्ट फैन, लोहे के जाल और जंगले जैसे कई आधुनिक माध्यम उपलब्ध हैं। ऐसे में वेंटिलेशन के नाम पर सेटबैक के लिए कीमती जगह छोड़ने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। हेमंत सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि नियमावली के अनुसार 60 वर्ग मीटर तक के मकानों में सेटबैक छोड़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस तकनीकी जानकारी के बाद वहां मौजूद छोटे दुकानदारों, जिनके पास 25 और 38 वर्ग मीटर के भूखंड हैं के बीच उम्मीद जागी है।

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अदालत में पैरोकारी की तैयारी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और आवास एवं विकास परिषद द्वारा नोटिस जारी किए जाने की सुगबुगाहट पर हेमंत सिंह ने कहा कि वे इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विचार-विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अदालत में प्रभावी पैरोकारी करने की बात भी कही।


आवंटन पत्रों का दिया हवाला

इस दौरान एडवोकेट अंजनेय शर्मा ने आवास एवं विकास परिषद द्वारा पूर्व में किए गए आवंटन पत्रों का संदर्भ दिया। उन्होंने बताया कि ये प्लॉट अल्प आय वर्ग (एलआईजी) और दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 25 व 38 वर्ग मीटर की श्रेणी में आवंटित किए गए थे। नियमों के अनुसार इन छोटे भूखंडों में व्यापारियों का रोजगार करना पूरी तरह न्यायसंगत है। इन तर्कों से उत्साहित व्यापारियों ने एकजुट होकर अपनी रोजी-रोटी बचाने का संकल्प दोहराया।

सेंट्रल मार्केट के उन छोटे व्यापारियों के लिए राहत की एक किरण दिखाई दी है जिनके व्यापार पर सेटबैक (खुला स्थान) के नियमों के कारण संकट मंडरा रहा है। रविवार को मूल रूप से यहीं के निवासी और वर्तमान में आगरा में अपनी फर्म चला रहे इंजीनियर हेमत सिंह धरने पर बैठे व्यापारियों के बीच पहुंचे और तकनीकी व कानूनी बारीकियों से उन्हें अवगत कराया।
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