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Meerut News: देव यज्ञ और भजनों के साथ महर्षि दयानंद जन्मबोधोत्सव मनाया
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- केंद्रीय आर्य समिति की ओर से किया गया आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। केंद्रीय आर्य समिति मेरठ की ओर से महर्षि दयानंद स्कूल रक्षापुरम में महर्षि दयानंद सरस्वती जन्मबोधोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन भक्ति और ज्ञान का संगम हुआ। आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के सान्निध्य में देव यज्ञ हुआ। इसमें अनु गोयल, प्रदीप गोयल, राकेश आर्या, सत्यदेव आर्य, मनीषा आर्य, वर्चस्व आर्य, अलका सिंह और हितेश सिंह यजमान रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने महर्षि दयानंद के जीवन पर आधारित कविता का गायन किया। इसमें उनके महान उपकारों का वर्णन किया गया। इसके बाद भजन उपदेशक पंडित कैलाश कर्मठ ने स्वामी दयानंद के जीवन का गुणगान किया। उन्होंने प्रभु भक्ति चिंतन किया करो, राग द्वेष से बचा करो...जैसे भजनों से बच्चों को प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में आए आचार्य रणवीर शास्त्री ने विद्यार्थी की परिभाषा बताते हुए पूर्ण समर्पण से विद्या अर्जन की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थीकाल में ध्यान केवल विद्या पर केंद्रित होना चाहिए। अन्य विषय उद्देश्य से भटका सकते हैं। आचार्य ने गुरु की परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो शिष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को परिष्कृत करे। उन्होंने विज्ञान के सम्मत विचारों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि वेद भी विज्ञान है। तर्क की कसौटी पर खरा उतरने वाला चिंतन ही मानव का कल्याण कर सकता है।
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इस अवसर पर विद्यालय के मंत्री चंद्रकांत और कार्यक्रम अध्यक्ष कर्नल पाल प्रमोद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन मंत्री रविंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर सतपाल, राजेश सेठी, संजय मलिक, सुशील बंसल, संजय गुप्ता, मनीष शर्मा, प्राची सेठ, प्रवीण रस्तोगी सहित अन्य मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। केंद्रीय आर्य समिति मेरठ की ओर से महर्षि दयानंद स्कूल रक्षापुरम में महर्षि दयानंद सरस्वती जन्मबोधोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन भक्ति और ज्ञान का संगम हुआ। आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के सान्निध्य में देव यज्ञ हुआ। इसमें अनु गोयल, प्रदीप गोयल, राकेश आर्या, सत्यदेव आर्य, मनीषा आर्य, वर्चस्व आर्य, अलका सिंह और हितेश सिंह यजमान रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने महर्षि दयानंद के जीवन पर आधारित कविता का गायन किया। इसमें उनके महान उपकारों का वर्णन किया गया। इसके बाद भजन उपदेशक पंडित कैलाश कर्मठ ने स्वामी दयानंद के जीवन का गुणगान किया। उन्होंने प्रभु भक्ति चिंतन किया करो, राग द्वेष से बचा करो...जैसे भजनों से बच्चों को प्रेरणा दी।
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कार्यक्रम में आए आचार्य रणवीर शास्त्री ने विद्यार्थी की परिभाषा बताते हुए पूर्ण समर्पण से विद्या अर्जन की प्रेरणा दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्यार्थीकाल में ध्यान केवल विद्या पर केंद्रित होना चाहिए। अन्य विषय उद्देश्य से भटका सकते हैं। आचार्य ने गुरु की परिभाषा दी। उन्होंने कहा कि सच्चा गुरु वही है जो शिष्य के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को परिष्कृत करे। उन्होंने विज्ञान के सम्मत विचारों को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि वेद भी विज्ञान है। तर्क की कसौटी पर खरा उतरने वाला चिंतन ही मानव का कल्याण कर सकता है।
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इस अवसर पर विद्यालय के मंत्री चंद्रकांत और कार्यक्रम अध्यक्ष कर्नल पाल प्रमोद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन मंत्री रविंद्र सिंह ने किया। इस अवसर पर सतपाल, राजेश सेठी, संजय मलिक, सुशील बंसल, संजय गुप्ता, मनीष शर्मा, प्राची सेठ, प्रवीण रस्तोगी सहित अन्य मौजूद रहे।