CCTV फुटेज से खुलासा: डेढ़ घंटे बेंच पर दर्द से तड़पती रही दुष्कर्म पीड़िता, किसी को नहीं आया तरस, नोटिस जारी
Meerut News : मेरठ में दुष्कर्म पीड़िता के मामले में सीसीटीवी फुटेज से बड़ा खुलासा हुआ है। सीटीवीटी फुटेज से पता चला कि किशोरी डेढ़ घंटे तक बेंच पर ही तड़पती रही लेकिन उसकी आवाज किसी के कानों तक नहीं पहुंची। इस मामले में स्वस्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी किया गया है।
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मेरठ के सरधना में दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के सीएचसी के परिसर में उपचार के अभाव में बच्चे को जन्म देने के मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने शनिवार को मौके पर पहुंच कर जांच की। टीम ने सीएचसी के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर की गहनता से पड़ताल की। घटना के दौरान तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
वहीं, सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हो गया कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते पीड़िता डेढ़ घंटे तक बेंच पर दर्द से तपड़ती रही। लापरवाही बरतने वाले पांच कर्मचारियों से स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया है।
थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय किशोरी से दो बच्चों के बाप ने आठ माह तक दुष्कर्म किया। इसके चलते किशोरी गर्भवती हो गई। शुक्रवार सुबह पीड़िता की हालत बिगड़ने पर परिजन सरधना सीएचसी लेकर पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक पीड़िता दर्द से तड़पती रही, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोई सुध नहीं ली। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर गर्भवती किशोरी ने सीएचसी परिसर में बेंच पर ही बच्चे जन्म दे दिया। किशोरी की चीख स्वास्थ्य कर्मियों के कानों तक नहीं पहंची। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पीड़िता को भर्ती करते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस लापरवाही के मामले में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की।
शनिवार को जांच टीम में शामिल एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी, एसीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार, एसीएम चतुर्थ रश्मि बरनवाल सरधना सीएचसी पहुंचे। जांच के दौरान सीएचसी परिसर की सीसीटीवी फुटेज को गहनता से देखा गया। इसमें पाया गया कि गर्भवती किशोरी करीब डेढ़ घंटे परिसर में बेंच पर रही तड़पती रही। जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी लापरवाही छिपाने का प्रयास करते रहे। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात मुख्य पांच कर्मचारियों से जांच टीम ने पूछताछ की।
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यह भी सामने आया कि चिकित्सक और स्टाफ नर्स ने किशोरी की हालत बिगड़ने पर भी उपचार नहीं दिया। जांच टीम ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए। इसके बाद मौके पर तैनात चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, वार्ड आया को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपने की बात कही है। उधर, पीड़िता की हालत अब ठीक है और महिला जिला अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
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