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सीसीएसयू अपडेट: स्नातक पढ़ाने वाले शिक्षक भी बन सकेंगे शोध निदेशक, बैठक में लिए गए अहम निर्णय

Tue, 21 Sep 2021 11:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Tue, 21 Sep 2021 11:41 PM IST
सार

सीसीएसयू में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के अलावा वनस्पति विज्ञान विभाग बायो टेक्नोलॉजी सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर बॉटनी में परास्नातक करने वाले छात्र भी पीएचडी कर सकेंगे। 

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CCSU Update: Now teachers teaching graduates will also be able to become directors of research
सीसीएसयू फाइल फोटो

विस्तार

स्नातक कॉलेजों के शिक्षक भी अब शोध निदेशक बन सकेंगे। इसके साथ ही कॉलेजों में पीएचडी की सीटें भी बढ़ जाएंगी। यूजीसी द्वारा स्नातक कॉलेजों के शिक्षकों के शोध कराने पर रोक लगा दी गई थी, जिसके बाद पीएचडी की सीटें भी घट गई थी। वहीं बीते सोमवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ये निर्णय लिए गए हैं। 

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कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग विभाग के अलावा वनस्पति विज्ञान विभाग बायो टेक्नोलॉजी सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर बॉटनी में परास्नातक करने वाले छात्र भी पीएचडी कर सकेंगे। 
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इसके अलावा शासन के निर्देशानुसार सहायक आचार्य, सह आचार्य एवं आचार्य पद के लिए चयनित अभ्यार्थियों के नियमों में परिवर्तन किया गया है। अब साक्षात्कार में मिले नंबरों के आधार पर चयन होगा। पूरी व्यवस्था को और पारदर्शी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर पढ़ाने वाले शिक्षक भी शोध निर्देशक बन सकेंगे, उनकी अहर्ता महाविद्यालय में पढ़ाने वाले पीजी पाठ्यक्रमों के शिक्षकों के समान ही होगी। यूजीसी के निर्देशों पर इस पर रोक लगा दी गई थी। जिसकी वजह से पीएचडी की सीटें भी काफी कम हो गई थी। 

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बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र वर्मा, प्रो. जयमाला, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. प्रशांत कुमार एवं प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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