सीसीएसयू : अब बीए रक्षा अध्ययन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और चाणक्य को भी पढ़ेंगे छात्र-छात्राएं
अब छात्र-छात्राएं बीए रक्षा अध्ययन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और चाणक्य के चिंतन को भी पढ़ेंगे। गांधी जी ने किस तरह आंदोलन चलाकर लड़ाई लड़ी, इसको भी सिलेबस में शामिल किया जाएगा।
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के कॉलेजों में अब बीए रक्षा अध्ययन में छात्र-छात्राएं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और चाणक्य के चिंतन को भी पढ़ेंगे। गांधी जी ने किस तरह से अहिंसा आंदोलन चलाकर भी एक लड़ाई लड़ी, इसको सिलेबस में शामिल किया गया है। इसके अलावा स्वतंत्रता के बाद से लेकर 1999 के युद्धों को अध्ययन भी किया जाएगा। रक्षा अध्ययन को अब कॉमर्स और साइंस वाले छात्र-छात्राएं भी माइनर विषय के रूप में लेकर पढ़ सकेंगे।
बीए रक्षा अध्ययन विषय की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज में ये निर्णय लिए गए हैं। पहले से जो सिलेबस बना है उसमें कई नए तथ्य जोड़े गए हैं। महात्मा गांधी ने किस तरह से अहिंसा आंदोलन चलाकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, इसको भी रक्षा अध्ययन का भाग बनाया गया है। चाणक्य नीति और उनके चिंतन को भी जोड़ा गया है। आजादी के बाद हुए युद्धों का अध्ययन किया जाएगा। इसमें 1948 और 1962 में पाकिस्तान पर भारत की जीत, 1965 और 1971 में भारत की पाकिस्तान पर जीत और कारगिल के युद्ध में भारतीय सेना की जीत कैसे हुई, इसको सिलेबस का हिस्सा बनाया गया। 1962 के युद्ध में चीन से भारत की पराजय के कारणों को भी शामिल किया जाएगा। जिन कॉलेजों से रक्षा अध्ययन वाले कॉलेजों का एमओयू रहेगा, उनके छात्र-छात्राएं भी दूसरे संकाय के होने के बावजूद रक्षा अध्ययन विषय पढ़ सकेंगे। प्रैक्टिकल को बढ़ाया गया है। रक्षा अध्ययन में मैप रीडिंग पहले भी था, इसमें अब दूसरे सैन्य मॉडल भी जोड़ गए हैं।
फाइनल सेमेस्टर में मिलेगा रिसर्च प्रोजेक्ट
बीए फाइनल सेमेस्टर में अब एक रिसर्च प्रोजेक्ट भी छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा, ताकि वे आगे चलकर रिसर्च के क्षेत्र में बेहतर कर सकें। बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक में मेरठ कॉलेज से कन्वीनर डॉ. रिजवान अहमद और हेमंत पांडे समेत सभी सदस्य मौजूद रहे।
बीए होम साइंस में अब सिलाई केंद्रों पर जाएंगी छात्राएं
बीए होम साइंस में प्रदेश के सभी विवि में 70 फीसदी सिलेबस के अलावा सीसीएसयू में 30 फीसदी सिलेबस में कई बिंदुओं को शामिल किया है। अचार, मुरब्बा और जैम बनाने को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में रखा गया है। इसके अलावा भोजन संरक्षण की विधि, भोजन में मिलावट और भोजन संबंधी कानून को भी सिलेबस में शामिल किया गया है। थ्योरी में ट्रेडिशनल एंब्रॉयडी को जोड़ा गया है। छात्राएं अब सिलाई केंद्रों का विजिट करेंगी और मशीनों की देखरेख के बारे में सिलेबस में उनको पूरी जानकारी दी जाएगी। कन्वीनर डॉ. पंकज छाबड़ा ने बताया कि सिलेबस में कई और बदलाव किए जाने हैं, उन पर चर्चा की जा रही है।
कृषि वनस्पति विज्ञान की भी हुई बीओएस
कृषि स्नातक के कृषि वनस्पति विज्ञान एवं पादप रोग विज्ञान विषय की बोर्ड ऑफ स्ट्डीज की बैठक में मुख्य रूप से नए विषय के रूप में कोड संख्या एजी 405 को फंडामेंटल्स ऑफ बायोटेक्नोलॉजी विषय के रूप में जोड़ा गया है। इसके अलावा आईपीआर विषय कोड संख्या एजी 509 जोकि सांख्यिकी विषय में गलत स्थान में था, उसको वहां से हटाकर एक पूर्ण विषय के रूप में कृषि वनस्पति विज्ञान विषय की सूची में जोड़ दिया गया है।