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पक्षियों के कलरव से चहकेगा कैंपस
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 29 Jan 2016 01:25 AM IST
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सीसीएसयू कैंपस जल्द ही पक्षियों के कलरव से चहकता नजर आएगा। यही नहीं, जगह-जगह सेव वाटर और सेव एनर्जी के स्टिकर लगाकर कैंपस को इको फ्रैंडली लुक देने की भी तैयारी है। विवि प्रशासन यह कवायद नैक निरीक्षण में अच्छी ग्रेड हासिल करने के लिए कर रहा है। इसी क्रम में विवि अपने अधिकार क्षेत्र के नौ जिलों में एक-एक गांव गोद लेने की भी योजना बना रहा है।
विवि कैंपस का नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) निरीक्षण अप्रैल में होना है। इसकी तैयारी के लिए दो महीने का वक्त है। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों के कैंपस का नैक निरीक्षण कराने के मामले में सीसीएसयू का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। हाल ही लखनऊ विवि कैंपस का नैक निरीक्षण हुआ है। सीसीएसयू के सामने चुनौती यह है कि संबद्ध एक दर्जन से अधिक कॉलेजों को ए ग्रेड मिल चुकी है।
ऐसे में विवि के सामने अच्छी ग्रेड लाने की चुनौती है। हालांकि, कॉलेज और विवि कैंपस के पैरामीटर अलग-अलग हैं। इसलिए अधिकारी और शिक्षक अच्छी ग्रेड दिलाने की कोशिश में जुटे हैं। छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखते हुए नंबर हासिल करने की योजना पर काम हो रहा है। सुविधाएं, रिसर्च, प्रोजेक्ट, फैकल्टी, स्टूडेंट्स आदि के नंबर तो मिलेंगे ही, इसके अलावा कई ऑफबीट सहूलियतों के भी नंबर हैं।
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लखनऊ से लिया आइडिया
कैंपस को पर्यावरण मित्र दिखाने के भी नंबर हैं। विवि ने इसके लिए पेड़ों पर 200 पिंजरे टांगने का फैसला लिया है, जो पक्षियों के कलरव से गूंजेंगे। लखनऊ विवि ने भी यह किया है। अब सीसीएसयू ने भी लकड़ी के 200 पिंजरों का ऑर्डर दे दिया गया है। सेव वॉटर और सेव एनर्जी के एक-एक हजार स्टिकर कैंपस में चस्पा किए जाएंगे। इसके अलावा 12 सोलर लाइट लगाई जाएंगी। यह लाइट मेन डिवाइडर रोड पर लगेंगी। साथ ही रिसाइकिल और नॉन रिसाइकिल डस्टबिन भी रखी जाएंगी।
...तो ऐसे भी बढ़ेंगे नंबर
विवि का क्षेत्र अधिकार मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में है। हर जिले से एक-एक गांव गोद लेने की योजना है। गांवों में हेल्थ, पर्यावरण, एजूकेशन, मिट्टी परीक्षण और शिक्षा आदि मुद्दों पर विवि जागरूकता और मदद का काम करेगा। इस पर अभी विचार चल रहा है। विवि ऐसा करता है तो इसके भी नंबर नैक निरीक्षण में मिलेंगे।
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विवि कैंपस का नैक (नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल) निरीक्षण अप्रैल में होना है। इसकी तैयारी के लिए दो महीने का वक्त है। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों के कैंपस का नैक निरीक्षण कराने के मामले में सीसीएसयू का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। हाल ही लखनऊ विवि कैंपस का नैक निरीक्षण हुआ है। सीसीएसयू के सामने चुनौती यह है कि संबद्ध एक दर्जन से अधिक कॉलेजों को ए ग्रेड मिल चुकी है।
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ऐसे में विवि के सामने अच्छी ग्रेड लाने की चुनौती है। हालांकि, कॉलेज और विवि कैंपस के पैरामीटर अलग-अलग हैं। इसलिए अधिकारी और शिक्षक अच्छी ग्रेड दिलाने की कोशिश में जुटे हैं। छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखते हुए नंबर हासिल करने की योजना पर काम हो रहा है। सुविधाएं, रिसर्च, प्रोजेक्ट, फैकल्टी, स्टूडेंट्स आदि के नंबर तो मिलेंगे ही, इसके अलावा कई ऑफबीट सहूलियतों के भी नंबर हैं।
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लखनऊ से लिया आइडिया
कैंपस को पर्यावरण मित्र दिखाने के भी नंबर हैं। विवि ने इसके लिए पेड़ों पर 200 पिंजरे टांगने का फैसला लिया है, जो पक्षियों के कलरव से गूंजेंगे। लखनऊ विवि ने भी यह किया है। अब सीसीएसयू ने भी लकड़ी के 200 पिंजरों का ऑर्डर दे दिया गया है। सेव वॉटर और सेव एनर्जी के एक-एक हजार स्टिकर कैंपस में चस्पा किए जाएंगे। इसके अलावा 12 सोलर लाइट लगाई जाएंगी। यह लाइट मेन डिवाइडर रोड पर लगेंगी। साथ ही रिसाइकिल और नॉन रिसाइकिल डस्टबिन भी रखी जाएंगी।
...तो ऐसे भी बढ़ेंगे नंबर
विवि का क्षेत्र अधिकार मेरठ और सहारनपुर मंडल के नौ जिलों में है। हर जिले से एक-एक गांव गोद लेने की योजना है। गांवों में हेल्थ, पर्यावरण, एजूकेशन, मिट्टी परीक्षण और शिक्षा आदि मुद्दों पर विवि जागरूकता और मदद का काम करेगा। इस पर अभी विचार चल रहा है। विवि ऐसा करता है तो इसके भी नंबर नैक निरीक्षण में मिलेंगे।