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सीसीएसयू : 15 नवंबर से भरें प्राइवेट स्नातक के फार्म
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मेरठ। चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) 15 नवंबर से प्राइवेट स्नातक के फार्म भरवाएगा। यह फैसला कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में लिया गया।
प्राइवेट स्नातक पाठ्यक्रम पर करीब एक साल से छाये संशय के बादल बुधवार को छट गए। दरअसल विवि ने एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) की वजह से ऑनलाइन डिस्टेंसिंग कोर्स (ओडीएल) स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया था। इसके लिए विवि ने यूजीसी को करीब छह माह पहले आवेदन किया और कुलपति स्तर से यूजीसी से अनुमति के लिए प्रयास किए। अनुमति मिलने की उम्मीद के चलते कुलपति ने ओडीएल के समन्वयक प्रो. नवीनचंद्र लोहनी को बनाते हुए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए लगाया। आधिकारिक सूत्रों का कहना है विवि ने ओडीएल का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है मगर यूजीसी से अनुमति नहीं मिली। आधिकारिक सूत्रों का कहना है विगत दिनों यूजीसी के सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी ने विवि को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया कि ओडीएल की अनुमति लेने के लिए दोबारा से 31 अक्तूबर तक आवेदन करना होगा। इसके साथ ही 15 नवंबर तक दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया है। यूजीसी ने कहा है कि शैक्षिक कलेंडर फरवरी 2024 से शुरू होगा। इन हालातों के चलते बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें फैसला हुआ कि अब विश्वविद्यालय प्राइवेट स्नातक करवाएगा और इसके फार्म भरना 15 नवंबर से शुरू होंगे।
पीजी भी कराएगा विवि प्राइवेट
सीसीएसयू के अधिकारियों का कहना है कि विवि प्रशासन जल्द ही प्राइवेट पीजी के फार्म भी भरवाएगा। इसकी तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी।
सीसीएसयू की बुधवार को हुई बैठक में फैसला हुआ है कि विवि इस वर्ष भी प्राइवेट स्नातक के फार्म भरवाएगा, जो 15 नवंबर से भरे जा सकेंगे। अभी पीजी का फैसला नहीं हुआ है, मगर इसके भी प्राइवेट फार्म भरने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। - धीरेंद्र कुमार, कुलसचिव सीसीएसयू
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प्राइवेट स्नातक पाठ्यक्रम पर करीब एक साल से छाये संशय के बादल बुधवार को छट गए। दरअसल विवि ने एनईपी (राष्ट्रीय शिक्षा नीति) की वजह से ऑनलाइन डिस्टेंसिंग कोर्स (ओडीएल) स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया था। इसके लिए विवि ने यूजीसी को करीब छह माह पहले आवेदन किया और कुलपति स्तर से यूजीसी से अनुमति के लिए प्रयास किए। अनुमति मिलने की उम्मीद के चलते कुलपति ने ओडीएल के समन्वयक प्रो. नवीनचंद्र लोहनी को बनाते हुए पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए लगाया। आधिकारिक सूत्रों का कहना है विवि ने ओडीएल का पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है मगर यूजीसी से अनुमति नहीं मिली। आधिकारिक सूत्रों का कहना है विगत दिनों यूजीसी के सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी ने विवि को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया कि ओडीएल की अनुमति लेने के लिए दोबारा से 31 अक्तूबर तक आवेदन करना होगा। इसके साथ ही 15 नवंबर तक दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया है। यूजीसी ने कहा है कि शैक्षिक कलेंडर फरवरी 2024 से शुरू होगा। इन हालातों के चलते बुधवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक हुई जिसमें फैसला हुआ कि अब विश्वविद्यालय प्राइवेट स्नातक करवाएगा और इसके फार्म भरना 15 नवंबर से शुरू होंगे।
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पीजी भी कराएगा विवि प्राइवेट
सीसीएसयू के अधिकारियों का कहना है कि विवि प्रशासन जल्द ही प्राइवेट पीजी के फार्म भी भरवाएगा। इसकी तारीख भी जल्द घोषित की जाएगी।
सीसीएसयू की बुधवार को हुई बैठक में फैसला हुआ है कि विवि इस वर्ष भी प्राइवेट स्नातक के फार्म भरवाएगा, जो 15 नवंबर से भरे जा सकेंगे। अभी पीजी का फैसला नहीं हुआ है, मगर इसके भी प्राइवेट फार्म भरने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। - धीरेंद्र कुमार, कुलसचिव सीसीएसयू
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