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Meerut News: लालकुर्ती थाने में सीबीसीआईडी की हेड कांस्टेबल और दरोगा भिड़े
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लालकुर्ती थाने में खड़ी स्कूटी जिसकी चार्जिंग को लेकर हुआ बवाल। ............ संवाद..........का
- फोटो : shiv tripathi
मेरठ। लालकुर्ती थाने में मंगलवार को सीबीसीआईडी में तैनात हेड कांस्टेबल मीनाक्षी और थाने में तैनात दरोगा के बीच जमकर हंगामा हुआ। मीनाक्षी थाने में अपनी स्कूटी चार्ज करने पहुंची थीं। बिना वर्दी के थाने पहुंची हेड कांस्टेबल से जब वहां मौजूद महिला और पुरुष दरोगा ने परिचय पूछा तो उन्होंने बताने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
आरोप है कि महिला और पुरुष दरोगा ने हेड कांस्टेबल की स्कूटी में लात मारकर उसका सामान भी फेंक दिया। थाने में हो रही इस गहमागहमी की जब जानकारी एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को लगी तो उन्होंने सीओ कैंट नवीना शुक्ला को थाने भेजा। जिसके बाद मामला निपट सका। सीओ ने मीनाक्षी के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी है। एसएसपी इस रिपोर्ट को सीबीसीआईडी के अधिकारियों को भेजेंगे।
मीनाक्षी 1998 बैच की हेड कांस्टेबल हैं। उनकी वर्तमान में तैनाती सीबीसीआईडी कार्यालय में चल रही है। बताया गया है कि मंगलवार को वह माल रोड से जा रही थीं। इस दौरान उनकी स्कूटी की चार्जिंग खत्म हो गई। इस पर वह लालकुर्ती थाने पहुंचीं और स्कूटी चार्जिंग पर लगा दी। मीनाक्षी बिना वर्दी के थी। ऐसे में थाने में बैठी महिला दरोगा ने उनसे परिचय देने को कहा लेकिन मीनाक्षी ने अपने को पुलिस विभाग से बताते हुए परिचय देने से इन्कार कर दिया। पुरुष दरोगा ने उनका आईकार्ड मांगा तो मीनाक्षी ने वह भी दिखाने से मना कर दिया।
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जब थाना प्रभारी लालकुर्ती मौके पर पहुंचे तो मीनाक्षी ने उन्हें भी अपना परिचय नहीं दिया। इस पर इंस्पेक्टर ने इसकी जानकारी एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को दी तो उन्होंने तुरंत सीओ कैंट नवीना शुक्ला को थाने भेजा। सीओ नवीना शुक्ला ने जब कई बार मीनाक्षी से उसका परिचय पूछा तो उन्होंने कहा कि वे पुलिस के गोपनीय विभाग में कार्यरत हैं इसलिए अपना परिचय उजागर नहीं कर सकतीं। सीओ ने जब सीबीसीआईडी के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने मीनाक्षी के अपने कार्यालय में तैनात होने की बात कही। बाद में मीनाक्षी की स्कूटी चार्ज होने के बाद वहां से भेज दिया गया।
महिला हेड कांस्टेबल बोली, पुरुष दरोगा को पूछने का कोई हक नहीं
हेड कांस्टेबल मीनाक्षी ने सीओ कैंट से बताया कि पुरुष दरोगा या थानेदार को उनसे सवाल पूछने का हक नहीं है। उनका विभाग गोपनीय जांच भी करता है। ऐसे में वह अपना परिचय देने से बचते हैं।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले में हेड कांस्टेबल के सीबीसीआईडी के अधिकारियों को बुलाया गया। हिदायत देकर हेड कांस्टेबल को भेज दिया गया। हेड कांस्टेबल ने दरोगा वीरेंद्र पाल सिंह और रंजीत शर्मा को परिचय नहीं दिया था। सीबीसीआईडी के अधिकारियों इस मामले की रिपोर्ट भेजी गई है।
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आरोप है कि महिला और पुरुष दरोगा ने हेड कांस्टेबल की स्कूटी में लात मारकर उसका सामान भी फेंक दिया। थाने में हो रही इस गहमागहमी की जब जानकारी एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को लगी तो उन्होंने सीओ कैंट नवीना शुक्ला को थाने भेजा। जिसके बाद मामला निपट सका। सीओ ने मीनाक्षी के खिलाफ रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी है। एसएसपी इस रिपोर्ट को सीबीसीआईडी के अधिकारियों को भेजेंगे।
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मीनाक्षी 1998 बैच की हेड कांस्टेबल हैं। उनकी वर्तमान में तैनाती सीबीसीआईडी कार्यालय में चल रही है। बताया गया है कि मंगलवार को वह माल रोड से जा रही थीं। इस दौरान उनकी स्कूटी की चार्जिंग खत्म हो गई। इस पर वह लालकुर्ती थाने पहुंचीं और स्कूटी चार्जिंग पर लगा दी। मीनाक्षी बिना वर्दी के थी। ऐसे में थाने में बैठी महिला दरोगा ने उनसे परिचय देने को कहा लेकिन मीनाक्षी ने अपने को पुलिस विभाग से बताते हुए परिचय देने से इन्कार कर दिया। पुरुष दरोगा ने उनका आईकार्ड मांगा तो मीनाक्षी ने वह भी दिखाने से मना कर दिया।
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जब थाना प्रभारी लालकुर्ती मौके पर पहुंचे तो मीनाक्षी ने उन्हें भी अपना परिचय नहीं दिया। इस पर इंस्पेक्टर ने इसकी जानकारी एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को दी तो उन्होंने तुरंत सीओ कैंट नवीना शुक्ला को थाने भेजा। सीओ नवीना शुक्ला ने जब कई बार मीनाक्षी से उसका परिचय पूछा तो उन्होंने कहा कि वे पुलिस के गोपनीय विभाग में कार्यरत हैं इसलिए अपना परिचय उजागर नहीं कर सकतीं। सीओ ने जब सीबीसीआईडी के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने मीनाक्षी के अपने कार्यालय में तैनात होने की बात कही। बाद में मीनाक्षी की स्कूटी चार्ज होने के बाद वहां से भेज दिया गया।
महिला हेड कांस्टेबल बोली, पुरुष दरोगा को पूछने का कोई हक नहीं
हेड कांस्टेबल मीनाक्षी ने सीओ कैंट से बताया कि पुरुष दरोगा या थानेदार को उनसे सवाल पूछने का हक नहीं है। उनका विभाग गोपनीय जांच भी करता है। ऐसे में वह अपना परिचय देने से बचते हैं।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले में हेड कांस्टेबल के सीबीसीआईडी के अधिकारियों को बुलाया गया। हिदायत देकर हेड कांस्टेबल को भेज दिया गया। हेड कांस्टेबल ने दरोगा वीरेंद्र पाल सिंह और रंजीत शर्मा को परिचय नहीं दिया था। सीबीसीआईडी के अधिकारियों इस मामले की रिपोर्ट भेजी गई है।