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सीबीआई ने सीजीएचएस के अतिरिक्त निदेशक और कार्यालय अधीक्षक समेत तीन को किया गिरफ्तार
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मेरठ। सीबीआई ने मंगलवार को सीजीएचएस (सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम) के अतिरिक्त निदेशक अजय कुमार, कार्यालय अधीक्षक लवेश सोलंकी और उनके निजी सहायक रईस अहमद को गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों ने अस्पतालों को सीजीएचएस के पैनल (सूची) से हटाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। टीम ने रिश्वत की पहली किश्त के पांच लाख रुपये वसूलने के दौरान ये कार्रवाई की है। देर रात तक टीम आरोपियों के आवास में जांच पड़ताल कर रही थी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार एक निजी अस्पताल के निदेशक की शिकायत पर इस मामले में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मेडिकल ग्रुप मेरठ और उसके आसपास विभिन्न नामों से कई अस्पताल चलाता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आठ अगस्त को सीजीएचएस टीम मेरठ ने उसके दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। अस्पतालों में खामियां उजागर करते हुए आधिकारिक नोटिस जारी किए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता को धमकी दी गई कि उनकी अस्पतालों को सीजीएचएस पैनल वाले अस्पतालों की सूची से हटा दिया जाएगा।
अस्पतालों को सूची से न हटाने की एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। बातचीत के बाद अतिरिक्त निदेशक अजय कुमार मंगलवार को को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत राशि की पहली किस्त) का आंशिक भुगतान स्वीकार करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद सीबीआई ने ये कार्रवाई की। टीम के देर रात तक जांच पड़ताल करने से इस तरह के और भी खुलासे होने की उम्मीद है। कार्यवाहक एसएसपी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सीबीआई ने कार्रवाई के संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार एक निजी अस्पताल के निदेशक की शिकायत पर इस मामले में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मेडिकल ग्रुप मेरठ और उसके आसपास विभिन्न नामों से कई अस्पताल चलाता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि आठ अगस्त को सीजीएचएस टीम मेरठ ने उसके दो अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया था। अस्पतालों में खामियां उजागर करते हुए आधिकारिक नोटिस जारी किए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता को धमकी दी गई कि उनकी अस्पतालों को सीजीएचएस पैनल वाले अस्पतालों की सूची से हटा दिया जाएगा।
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अस्पतालों को सूची से न हटाने की एवज में 50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। बातचीत के बाद अतिरिक्त निदेशक अजय कुमार मंगलवार को को 5 लाख रुपये (50 लाख रुपये की रिश्वत राशि की पहली किस्त) का आंशिक भुगतान स्वीकार करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद सीबीआई ने ये कार्रवाई की। टीम के देर रात तक जांच पड़ताल करने से इस तरह के और भी खुलासे होने की उम्मीद है। कार्यवाहक एसएसपी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सीबीआई ने कार्रवाई के संबंध में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी।
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