मेरठ मेडिकल में आज से शुरू होगी कैथ लैब, दिल के मरीजों की निशुल्क एंजियोग्राफी होगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में गुरुवार से दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब शुरू हो रही है। इसका उद्घाटन विधायक सोमेंद्र तोमर करेंगे और विशिष्ट अतिथि केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग के आचार्य डॉ. ऋषि सेठी सहित अन्य मौजूद रहेंगे। लैब में दिल के मरीजों की एंजियोग्राफी निशुल्क होगी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा रियायती दरों पर मिलेगी। अभी तक यह जांच या तो निजी लैब में करानी पड़ती हैं या ऐसे मरीजों को दिल्ली रेफर किया जाता है।
150 करोड़ रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कैथ लैब को पिछले साल शुरू होना था, लेकिन कोरोना के कारण काम अटक गया था। इसे लेकर पिछले दिनों प्राचार्य ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखकर लैब संचालन की अनुमति मांगी थी। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि अब अनुमति मिल गई है।
क्या है एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी
एंजियोग्राफी रक्त वाहिनी नलिकाओं धमनी और शिराओं का एक्सरे जैसा अध्ययन है। इसका प्रयोग हृदय रोग, किडनी संक्रमण, ट्यूमर और खून का थक्का जमने आदि की जांच में किया जाता है। हृदय के ठीक से काम न करने पर शरीर में रक्त का संचार रुक जाता है। एंजियोग्राफी से हृदय की धमनी में रुकावट व सिकुड़न का पता लगता है।
एंजियोग्राफी के बाद बीमारी से ग्रसित धमनियों को खोलने के लिए ही एंजियोप्लास्टी की जाती है। इससे मांसपेशियों में खून का प्रवाह बढ़ जाता है। हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। निजी अस्पताल में कोरोनरी एंजियोग्राफी के करीब 15-25 हजार रुपये लिए जाते हैं। सिंगल स्टेंट के साथ बैलून कोरोनरी एंजियोग्राफी के निजी अस्पतालों में एक लाख रुपये से ज्यादा लिए जा रहे हैं।