Carva Chauth: मेरठ में अमृत की चौघड़िया में उदित होगा चांद, पहनें इस रंग के वस्त्र, मजबूत होंगे चंद्र और शुक्र
पंचांग के अनुसार इस साल 20 अक्तूबर को करवा चौथ का उपवास रखा जाएगा। प्रेम, विश्वास और समर्पण के इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करती हैं।
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करवाचौथ प्रेम, विश्वास और समर्पण का पर्व है। यह नारी मन के संकल्प का उत्सव है। इसमें सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। इस बार 20 अक्तूबर को स्थिर वृषभ लग्न के साथ अमृत की चौघड़िया में करवाचौथ का चांद उदय होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार चांदी के बर्तन में सरगी खाने से चंद्र और शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत की शुरुआत सरगी के साथ होती है। सरगी सूर्योदय से लगभग 2 घंटे पहले खाई जाती है। पंचांग के अनुसार इस साल 20 अक्तूबर को करवा चौथ का उपवास रखा जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा।
आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि करवाचौथ पर व्यतिपात योग, कृत्तिका नक्षत्र और विष्टि, बव, बालव करण बन रहे हैं। चंद्रमा वृषभ राशि में मौजूद रहेंगे। इस संयोग में करवा माता की आराधना करने से वैवाहिक जीवन में चल रहीं समस्याएं दूर होंगी। रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।
गजकेसरी योग में होगी पूजा
करवाचौथ के दिन गजकेसरी, महालक्ष्मी के साथ शश, समसप्तक, बुधादित्य जैसे राजयोगों का निर्माण हो रहा है। सूर्य और बुध दोनों ही ग्रह शुक्र की राशि तुला में है। ऐसे में बुधादित्य योग बन रहा है।
इसके साथ ही शुक्र के वृश्चिक राशि में आने वह गुरु के साथ मिलकर समसप्तक योग बना रहे हैं। शनि अपनी राशि कुंभ में रहकर शश राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा चंद्रमा वृषभ राशि में गुरु के साथ युति करके गजकेसरी और मिथुन राशि में मंगल के साथ युति करके गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहे हैं।
सूर्योदय पूर्व उठना जरूरी
व्रती को सूर्योदय से पहले उठना आवश्यक है। सरगी के रूप में मिला भोजन करें और पानी पीएं। भगवान की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। करवाचौथ में महिलाएं पूरे दिन जल, अन्न कुछ ग्रहण नहीं करतीं। शाम के समय चांद देखने के बाद ही व्रत खोलती हैं।
गोल्डन रंग के कपड़े पहनना शुभ
करवाचौथ पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृष में होंगे। यह योग भगवान कृष्ण और सत्यभामा के मिलन पर बना था। इसे अमर सुहाग योग भी कहा जाता है। करवाचौथ के दिन सुहागिन महिलाएं लाल, ओरेंज या गोल्डन रंग के कपड़े पहनें तो अत्यंत ही शुभ होगा।
पूजन और चंद्रोदय का शुभ समय
शाम 4:30 से 6:00 बजे तक राहुकाल के पहले या बाद कभी भी करवा पूजन किया जाना शुभ होगा
शुभ की चौघड़िया : दोपहर 1:30 बजे से 3:55 बजे तक विशेष योग
चंद्रोदय समय : रात्रि 7:54 बजे के बाद