तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को कुचला, 2 की मौत और कई गंभीर रूप से घायल
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यूपी के मुजफ्फरनगर शहर में मंगलवार सुबह व दोपहर बाद हुए हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। रोहाना टोल प्लाजा पर कार सामने से आते ट्रक में जा घुसी। वहीं, चरथावल-पीनना बाईपास पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार लकड़ी कारोबारी को कुचल दिया। हादसे के शिकार हुए बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिसके चलते सिर में लगी चोट ही उसकी जान ले गई।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव बसधाड़ा निवासी लकड़ी कारोबारी असलम (50) पुत्र हफीजूद्दीन मंगलवार सुबह बाइक से चरथावल गया था। दोपहर करीब ढाई बजे चरथावल से लौटते समय असलम चरथावल-पीनना बाईपास से आ रहा था। बीच रास्ते में सामने से आते तेज रफ्तार ट्रक ने उसे कुचल दिया। असलम ने सिर पर हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे ट्रक की टक्कर लगने से वह सिर के बल सड़क पर गिरा और वही चोट प्राणघातक साबित हुई। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दी। लकड़ी कारोबारी के बेटे आस मोहम्मद ने अज्ञात में ट्रक चालक के खिलाफ हादसे की तहरीर दी है, जिस पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश कर रही है।
उधर, नई दिल्ली के द्वारिकापुरी सेक्टर-12 निवासी विवेक शर्मा पुत्र आरएन शर्मा मंगलवार सुबह रोहिणी निवासी साथी हुकुम सिंह के साथ कार से दिल्ली से सहारनपुर जा रहे थे। कार को बागपत जिले के थाना बड़ौत के गांव बिजरौल निवासी परविंदर चला रहा था। देवबंद-मुजफ्फरनगर मार्ग पर सुबह करीब 7.30 बजे जैसे ही उनकी कार रोहाना से निकलकर टोल प्लाजा के निकट पहुंची, अचानक सामने से आते तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जबरदस्त टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें टोल प्लाजा पर मौजूद एंबुलेंस ने जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां उपचार के दौरान विवेक शर्मा की मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने विवेक शर्मा के परिजनों को हादसे से अवगत कराते हुए शव को मोर्चरी भेज दिया है।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
चरथावल-पीनना बाईपास पर मंगलवार दोपहर हुए हादसे में मारे गए लकड़ी कारोबारी असलम के परिजनों ने चौकी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि हादसे के तत्काल बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन उस समय जीवित रहे असलम को तत्काल मेडिकल सहायता के लिए जिला अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद राहगीरों ने कई बार पुलिसकर्मियों को घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए कहा, लेकिन वे कागजी खानापूर्ति ही करते रहे। नतीजतन असलम की मौके पर ही उपचार के अभाव में तड़प-तड़पकर मौत हो गई।
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