मेरठ छावनी से डेयरियां हटाने के लिए कैंट बोर्ड को नहीं मिला फोर्स, टला अभियान
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एनजीटी के निर्देश पर मई माह में हुई कैंट बोर्ड की बैठक में डेयरियों को बाहर करने का फैसला लिया गया था। डेयरी संचालकों को 45 दिन का नोटिस जारी कर हटाने की बात कही गई थी। बैठक में स्टेशन हेल्थ अफसर ने डेयरियों से निकलने वाली गंदगी से बीमारियां तक फैलने का खतरा बताया था।
वहीं डेयरी संचालकों ने डेयरियों के लिए नई जगह की मांग की थी। कैंट बोर्ड ने इस मांग को खारिज करते हुए डेयरी संचालकों को नोटिस जारी कर दिए थे। इस पर डेयरी संचालकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज करते हुए 15 दिसंबर तक कैंट बोर्ड को डेयरियों को बाहर करने के आदेश दिए थे।
इसके बाद पांच डेयरी संचालकों ने ठंड का हवाला देकर हाईकोर्ट में कुछ समय देने की याचिका डाली थी। हाईकोर्ट ने उन्हें मार्च तक की राहत दे दी है। मामले में सीईओ प्रसाद चव्हाण का कहना है कि जिनको राहत मिली है, उनके अलावा सभी डेयरियों को बाहर कराया जाएगा।
फोर्स देने में जताई असमर्थता
कैंट बोर्ड के एई पीयूष गौतम, सफाई अधीक्षक वीके त्यागी और सेनेट्री इंस्पेक्टर योगेश यादव ने फोर्स की मांग की, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। कैंट बोर्ड टीम लालकुर्ती थाने पहुंची तो एएसपी सतपाल सिंह ने कहा कि आज फोर्स उपलब्ध नहीं हो सकता है।
दूसरी तरफ डेयरी संचालकों ने इस मामले में उपाध्यक्ष बीना वाधवा से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मार्च तक का समय दिया है। ऐसे में सभी को राहत दी जाए। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। कैंट बोर्ड अफसरों ने बताया कि डीएम और एसएसपी से फोर्स के बारे में बात की जाएगी।