हस्तिनापुर। ऐतिहासिक नगरी के पांडव टीले पर मौजूद प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चैत्र नवरात्रों पर चल रही दुर्गा पूजा में आठवें दिन माता के महागौरी स्वरूप की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई।
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में चल रही दुर्गा पूजा महोत्सव में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में आयोजित विशेष पूजा अर्चना में भाग लिया। मंदिर संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि देवी दुर्गा की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है और नवरात्रि के आठवें दिन इनकी उपासना की जाती है। प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के आचार्य मुकेश शांडिल्य ने माता की कथा सुनाते हुए कहा कि मान्यता के अनुसार अपनी कठिन तपस्या से मां ने गौर वर्ण प्राप्त किया था। तभी से इन्हें उज्जवला स्वरूपा महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया। भक्तों के लिए यह देवी अन्नपूर्णा का स्वरूप हैं। आज के यजमान विपिन चौधरी, पंडित ज्योति शर्मा, पंडित चंद्र प्रकाश शुक्ला, पंडित रोहित शर्मा, राहुल ठाकुर बालेश्वर प्रधान, लव ठाकुर, चित्रा ठाकुर, कनिष्का ठाकुर आदि मौजूद रहे। संवाद