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भूमिया पुल से जाटव गेट तक नाले पर चलेगा बुलडोजर
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भूमिया पुल से जाटव गेट तक नाले पर चलेगा बुलडोजर
मेरठ। भूमिया पुल से जाटव गेट की तरफ जाने वाले नाले पर अतिक्रमण है। जिस कारण नाले की सफाई नहीं हो पा रही है। आसपास के इलाकों में जलभराव है। सैनियों का मोहल्ला पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से जलभराव से जूझ रहा है। अमर उजाला लगातार जनता की समस्या को उठा रहा है। शनिवार को नगर निगम प्रशासन की नींद टूटी। प्रवर्तन दल के सदस्यों को मौके पर भेजा गया। टीम ने जनता को पांच दिन के भीतर स्वयं ही नाले को अतिक्रमण मुक्त करने की चेतावनी दी।
शहर में नालों के ऊपर लोगों ने पक्के निर्माण कर अतिक्रमण किया हुआ है। जिस कारण नगर निगम नालों की सफाई नहीं कर पा रहा है। शहर में चल रही डेयरियों का गोबर नालों में भरा है। नालों का गंदा पानी पड़ोस की कॉलोनियों की गलियों में भर रहा है। जनता का जनजीवन अस्त व्यस्त है। सैनियों वाली गली में तो आठ दिन से जलभराव है। बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। गली में संचालित स्कूल भी बंद हो गया है। नगर निगम जनता की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
नगर निगम ने प्रवर्तन दल के सदस्यों को मौके पर भेजा। लेकिन वह भी जनता को पांच दिन में नालों को अतिक्रमण मुक्त करने की चेतावनी देकर वापस लौट आए। यानी अब साफ हो गया है कि क्षेत्र की जनता को अभी जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलने वाली नहीं है।
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मेरठ। भूमिया पुल से जाटव गेट की तरफ जाने वाले नाले पर अतिक्रमण है। जिस कारण नाले की सफाई नहीं हो पा रही है। आसपास के इलाकों में जलभराव है। सैनियों का मोहल्ला पिछले एक सप्ताह से भी अधिक समय से जलभराव से जूझ रहा है। अमर उजाला लगातार जनता की समस्या को उठा रहा है। शनिवार को नगर निगम प्रशासन की नींद टूटी। प्रवर्तन दल के सदस्यों को मौके पर भेजा गया। टीम ने जनता को पांच दिन के भीतर स्वयं ही नाले को अतिक्रमण मुक्त करने की चेतावनी दी।
शहर में नालों के ऊपर लोगों ने पक्के निर्माण कर अतिक्रमण किया हुआ है। जिस कारण नगर निगम नालों की सफाई नहीं कर पा रहा है। शहर में चल रही डेयरियों का गोबर नालों में भरा है। नालों का गंदा पानी पड़ोस की कॉलोनियों की गलियों में भर रहा है। जनता का जनजीवन अस्त व्यस्त है। सैनियों वाली गली में तो आठ दिन से जलभराव है। बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। गली में संचालित स्कूल भी बंद हो गया है। नगर निगम जनता की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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नगर निगम ने प्रवर्तन दल के सदस्यों को मौके पर भेजा। लेकिन वह भी जनता को पांच दिन में नालों को अतिक्रमण मुक्त करने की चेतावनी देकर वापस लौट आए। यानी अब साफ हो गया है कि क्षेत्र की जनता को अभी जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलने वाली नहीं है।
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