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शोध के लिए बनाएं बेहतर प्रयोगशालाएं
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मोदीपुरम। सूबे के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने रविवार को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुलपति डॉ. आरके मित्तल के साथ पशु चिकित्सा महाविद्यालय में पशु रोग विज्ञान विभाग के म्यूजियम तथा प्रयोगशाला देखी। इस पर मंत्री ने छात्रों को उन्नत प्रयोगशाला उपलब्ध कराने सलाह दी। यहां डॉ. आरती पटेल ने बताया कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। इस आधुनिक प्रयोगशाला में पशुओं के रोगों की जांच कर समय पर उपचार किया जा सकेगा। इसके उपरांत कृषि मंत्री द्वारा कटाई उपरांत खाद्य प्रसंस्करण के लिए दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रोसेसिंग केंद्र को भी देखा। इस दौरान उन्होंने बैटरी लैब को जन उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. शमशेर ने बताया कि कॉलेज के एमटेक तथा पीएचडी के छात्रों के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। छात्रों द्वारा प्रयोगशाला का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में आलू का अच्छा उत्पादन होता है। भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह काफी मात्रा में खराब हो जाता है। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आलू प्रसंस्करण का प्रयास किया जा रहा है। यहां छात्रों द्वारा आलू तथा मशरूम के बिस्किट बनाए गए हैं। यहां कुलसचिव डॉ. बीआर सिंह, प्रो. शमशेर, प्रो. अनिल सिरोही, प्रो. विजेंद्र सिंह, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ आरती भटेले, डॉ. जयवीर, डॉ. निलेश चौहान, डॉ. सुरेश चंद्रा, रितुल सिंह, डॉ. आरएस सेंगर, डॉ. हरिओम कटिहार, विनय सिंह, डॉ. सागर सारस्वत, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी रहे।
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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुलपति डॉ. आरके मित्तल के साथ पशु चिकित्सा महाविद्यालय में पशु रोग विज्ञान विभाग के म्यूजियम तथा प्रयोगशाला देखी। इस पर मंत्री ने छात्रों को उन्नत प्रयोगशाला उपलब्ध कराने सलाह दी। यहां डॉ. आरती पटेल ने बताया कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। इस आधुनिक प्रयोगशाला में पशुओं के रोगों की जांच कर समय पर उपचार किया जा सकेगा। इसके उपरांत कृषि मंत्री द्वारा कटाई उपरांत खाद्य प्रसंस्करण के लिए दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रोसेसिंग केंद्र को भी देखा। इस दौरान उन्होंने बैटरी लैब को जन उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. शमशेर ने बताया कि कॉलेज के एमटेक तथा पीएचडी के छात्रों के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। छात्रों द्वारा प्रयोगशाला का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में आलू का अच्छा उत्पादन होता है। भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह काफी मात्रा में खराब हो जाता है। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आलू प्रसंस्करण का प्रयास किया जा रहा है। यहां छात्रों द्वारा आलू तथा मशरूम के बिस्किट बनाए गए हैं। यहां कुलसचिव डॉ. बीआर सिंह, प्रो. शमशेर, प्रो. अनिल सिरोही, प्रो. विजेंद्र सिंह, डॉ. राजवीर सिंह, डॉ आरती भटेले, डॉ. जयवीर, डॉ. निलेश चौहान, डॉ. सुरेश चंद्रा, रितुल सिंह, डॉ. आरएस सेंगर, डॉ. हरिओम कटिहार, विनय सिंह, डॉ. सागर सारस्वत, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुज राठी रहे।
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