बजट 2021 : आय बढ़ाकर आर्थिक सुस्ती को मात दे सरकार, पढ़िए और क्या बोले उद्यमी
बजट का काउंट डाउन शुरू, वित्त मंत्री दो दिन बाद संसद में पेश करेंगी बजट
कोरोना से प्रभावित उद्यमियों को राहत की उम्मीद
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विस्तार
बजट का काउंट डाउन शुरू हो गया है। वित्त मंत्री दो दिन बाद संसद में बजट पेश करेंगी। ऐसे में उद्यमियों, छोटे कारोबारियों और कर्मचारियों को उनसे खासी उम्मीदें हैं। कोरोना के कारण प्रभावित लघु उद्योगों को दोबारा स्थापित करना और व्यापार को मजबूत करना इस समय सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही निचले स्तर पर पहुंची अर्थव्यवस्था को लक्ष्य ऊंचाइयों पर पहुंचाने का भी महामंत्र इस बजट में होना तय है। संभावना है कि बजट में महंगाई घटाने के साथ निर्यात को बढ़ाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
कच्चे माल के भाव पर ध्यान दे सरकार
स्टील के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। कोरोना के कारण महंगाई भी बढ़ी है। प्रभावित हुए कारोबार को बढ़ाने पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। निर्यात बढ़ाना होगा। उद्यामियों के लिए पैकेज होना चाहिए। - अंकेश अग्रवाल, अर्जुन स्टील एंड प्लास्टिक इंडस्ट्रीज
व्यापारी देते हैं 12 लाख करोड़ का राजस्व
जीएसटी के माध्यम से व्यापारी 12 लाख करोड़ का राजस्व देता है, लेकिन व्यापारियों को सरकार ने कोई छूट नहीं दी है। वहीं किसानों और उद्योगपतियों को कई तरह की सब्सिडी दी गई है। - मुकुल सिंघल, यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेलर एसोसिएशन
स्टांप ड्यूटी घटाकर बढ़ेगा रियल एस्टेट
उप्र में सात प्रतिशत स्टांप शुल्क और एक प्रतिशत अलग से ड्यूटी लगती है। महाराष्ट्र में चार प्रतिशत स्टांप ड्यूटी है। सभी प्रदेशों में एकसमान स्टांप ड्यूटी होनी चाहिए। रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा दिया जाए। - कमल ठाकुर, उद्यमी, रियल एस्टेट
टेक्सटाइल एक्सपोर्ट हब की स्थापना
बजट पर जिलावार कार्य योजना तैयार होनी चाहिए। मेरठ में टेक्सटाइल एक्सपोर्ट हाउस की स्थापना होनी चाहिए। 50 कर्मचारियों की फर्म पर पीएफ की बाध्यता होनी चाहिए। - अंकुर गोयल, हैंडलूम उद्यमी, खंदक बाजार
व्यापार के लिए बिना ब्याज मिले लोन
लॉकडाउन में किश्त न देने पर लगाया गया ब्याज माफ हो। व्यापार स्थापित करने के लिए बिना ब्याज और सब्सिडी के साथ लोन दिया जाए। व्यापारियों के पांच लाख के कर्ज माफ हों। - आशु शर्मा, शर्मा प्लास्टिक मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी
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टैक्स स्लैब का सरलीकरण जरूरी
व्यापारियों को इनकम टैक्स और जीएसटी में राहत मिलनी चाहिए। लघु उद्योग के लिए राहत पैकेज होना चाहिए। वर्ष 2020-21 की स्क्रूटनी फ्री होनी चाहिए। टैक्स रेट स्लैब को सुगम किया जाना चाहिए। -अनुपम शर्मा, सीए
टिंबर पर जीएसटी घटाए सरकार
टिंबर को 18 प्रतिशत के स्लैब से पांच प्रतिशत के स्लैब में लाया जाना चाहिए। मध्यम वर्गीय व्यापारी का कारोबार वर्ष 2020-21 में ध्वस्त हो गया है। उन्हें इनकम टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। -रवि माहेश्वरी, टिंबर मर्चेंट, माहेश्वरी टिंबर
एमएसएमई बनाएंगी आत्मनिर्भर भारत
एमएसएमई के लिए विशेष पैकेज होना चाहिए। जीएसटी और आयकर में छूट मिले। व्यापार को स्थापित करने के लिए वन विंडो सुविधा हो। -रवि प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री
निर्यात में सहयोग दे सरकार
पश्चिमी उप्र में चमड़ा उद्योग से जुड़े 500 उद्यमी ही बचे हैं। कोरोना के कारण निर्यात में गिरावट आई है। उद्योग को बचाने के लिए सरकार को निर्यात में सहयोग करना चाहिए। - विनय विरारिया, चमड़ा उद्यमी
बाजार को गतिशील बनाना होगा
जॉन मेनार्ड कींस के सिद्धांत पर बाजार को गतिशील बनाना होगा। दवा व्यापार ऑनलाइन व्यवस्था से अलग रखा जाना चाहिए। दवा पर टैक्स घटाया जाए। - घनश्याम मित्तल, दवा कारोबारी
फुटवियर इंडस्ट्री हो टैक्स फ्री
अति लघु उद्योग खत्म हो गए हैं। बड़ी कंपनियों का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। छोटे व्यापारी और कारोबारी के अस्तित्व को बचाने के लिए फुटवियर इंडस्ट्री टैक्स फ्री होनी चाहिए। - सचिन चोपड़ा, व्यापारी
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