बजट 2019: पश्चिमी यूपी के व्यापारियों में खुशी की लहर, उम्मीदों पर खरी उतरी मोदी सरकार
व्यापारी और नौकरीपेशा सहित सभी वर्गों की उम्मीदों पर मोदी सरकार खरी उतरी है। क्योंकि अब पांच लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। मोदी सरकार के इस कदम से पश्चिमी यूपी के व्यापारियों में काफी खुशी है। क्योंकि मोदी सरकार के अंतिम बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीदें थी।
बजट आने से पहले किसानों ने क्या कहा...!
वहीं, किसानों का कहना है कि मोदी सरकार का चुनाव पूर्व किसानों को फसल का दाम लागत से डेढ़ गुणा देने का वादा पूरा नहीं हो सका है। संपूर्ण कर्ज माफी, फसल खरीद गारंटी योजना और फसल का रेट लागत से डेढ़ गुणा देने पर ही किसानों की हालत सुधर सकती है। हालांकि किसान नेता अंतरिम बजट से कोई उम्मीद नहीं लगाए हैं।
8 लाख हो सीमा
केंद्र सरकार ने सवर्ण जाति में आर्थिक आधार पर आरक्षण देकर 8 लाख तक की आय वाले को गरीब माना है। ऐसे में अब आयकर सीमा को भी 8 लाख कर देना चाहिए। - नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
जीएसटी खत्म हो
हैंडलूम क्लस्टर मेरठ जैसे बड़े शहर में स्थापित हो और पॉवरलूम और हैंडलूम को बढ़ावा मिले। आयकर सीमा 10 लाख होनी चाहिए। कपड़े पर लगा जीएसटी इस बजट में समाप्त कर देना चाहिए। - नवीन अरोड़ा, प्रधान हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ
जुमला साबित होगा
सरकार पूरा बजट भी पेश करेगी तो भी इसका फायदा मई में चुनाव के बाद ही मिलेगा। ये बजट भी पिछले बजट की तरह जुमला साबित होगा। - स. वीएम सिंह, किसान नेता
संपूर्ण कर्ज माफ हो
जब तक किसानों के लिए स्वामीनाथ आयोग की सिफारिश ईमानदारी से लागू नहीं होगी तब तक फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ होना चाहिए। एफडी आदि पर लगने वाले ब्याज से होने वाली आय को आयकर में शामिल नहीं करना चाहिए। - डॉ. राजकुमार सांगवान, प्रदेश संगठन प्रभारी रालोद
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