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बजट 2018 : स्पोर्ट्स व्यापारी मायूस, एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर

Fri, 02 Feb 2018 03:54 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 02 Feb 2018 03:54 PM IST
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स्पोर्ट्स व्यापारी - फोटो : अमर उजाला

बजट आने के बाद मेरठ के स्पोर्ट्स व्यापारी मायूस हैं। बजट में स्पोर्ट्स व्यापार को दरकिनार किया गया है। व्यापारियों का कहना है कि बजट आने वाले चुनावों के लिए लाया गया है। इसमें किसानों को फायदा दिया गया है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद जूझ रहे व्यापार को बजट से उम्मीदें थीं, लेकिन व्यापारियों को बजट में कुछ नहीं दिया। इससे व्यापारियों में नाराजगी भी दिखी। 

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यह बोले व्यापारी
संचालक रेसिक्स कंपनी राजाराम अत्री का कहना है कि सरकार के बजट में व्यापारियों के लिए कुछ नहीं है। जबकि  स्पोर्ट्स पर जीएसटी लागू करने के बाद व्यापार आज भी संघर्ष कर रहा है। जिसके लिए सरकार को स्पोर्ट्स व्यापारियों के बारे में सोचना चाहिए था। 
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मिलनी चाहिए थी छूट
संचालक बीडीएम कंपनी राकेश महाजन ने कहा कि सरकार को स्पोर्ट्स व्यापारियों को जीएसटी में छूट देनी चाहिए थी। 5,12 और 18 प्रतिशत जीएसटी को सामान्य करते हुए एक समान कर देना चाहिए था। लेकिन सरकार ने व्यापारियों के बारे में कुछ नहीं सोचा।   
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निराश हैं व्यापारी
अध्यक्ष सूरजकुंड स्पोर्ट्स गुड्स व्यापार संघ अनुज सिंघल का कहना है कि सरकार ने इनकम टैक्स में भी कोई छूट नहीं दी। जबकि जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारियों के सामने परेशानी है। बजट से व्यापारियों में भारी निराशा है। बजट से व्यापारियों को काफी उम्मीदें थी।

टैक्स कम करना था

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कारीगर - फोटो : अमर उजाला

संचालक हर्ष इंडस्ट्रीज सुनील कुमार ने बताया कि व्यापारियों को रा-मैटिरियल पर 5 से 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। जबकि तैयार सामान पर टैक्स पांच प्रतिशत रह जाता है। व्यापारियों को बजट में टैक्स कम करते हुए एक समान करना चाहिए था। 
 
बस किसानों को लुभाया
अध्यक्ष आल इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्यूफैक्चरिंग फेडरेशन पुनीत मोहन शर्मा का कहना है कि सरकार ने वोट बैंक को साधने के लिए बजट जारी किया है। जिसमें पूरा बजट किसानों को लुभाने के लिए दिया गया। जबकि खेल व्यापार को बजट में छुआ तक नहीं है।  

व्यापारियों का जिक्र तक नहीं
कंवल स्पोर्ट्स मालिक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि बजट व्यापारियों के लिए निराशाजनक है। खिलाड़ियों को खेल सामान सस्ता मिले, जिसके लिए सरकार को जीएसटी में छूट देनी चाहिए थी। जबकि इनकम टैक्स की सीमा बढ़ानी चाहिए थी।  

चुनावी है बजट
मालिक एके स्पोर्ट्स नरेंद्र कुमार ने कहा कि भूटानी हौजरी पर पहले भी पांच प्रतिशत टैक्स था। जबकि जीएसटी के बाद भी पांच प्रतिशत टैक्स लगाया गया। बजट पूरी तरह चुनावी है। जिसमें किसानों को ही ज्यादा अहमियत दी गई।

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