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Meerut News: बढ़ गया सांसों का संकट, अत्यंत खतरनाक स्तर पर पहुंचा एक्यूआई
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मोदीपुरम/मेरठ। जिले में प्रदूषण गहरा मैरून श्रेणी में पहुंचकर अत्यंत खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इससे सांसों पर संकट बढ़ रहा है। मेरठ का एक्यूआई रविवार को 326 दर्ज किया गया। दिल्ली रोड, बेगमपुल और पल्लवपुरम पर इससे भी अधिक एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके बावजूद जिले में कूड़ा जलाने व प्रदूषण बढ़ाने वाली अन्य गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगा है।
मेरठ समेत एनसीआर के अन्य जिलों का बुरा हाल है। वायु प्रदूषण के कारण यहां सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। अस्थमा के रोगी, बुजुर्गों की परेशानी प्रदूषण ने बढ़ा दी है। ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद भी प्रदूषण की रोकथाम के ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। इसके बाद भी प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर का एक्यूआई 326, गंगानगर में 289, जयभीम नगर में 337, पल्लवपुरम 354, बेगमपुल 360, दिल्ली रोड 365 एक्यूआई दर्ज किया गया। बागपत में 382, गाजियाबाद 415 एक्यूआई दर्ज किया गया।
50 एक्यूआई तक संतोषजनक होती है वायु गुणवत्ता
हरा (अच्छा): जब एक्यूआई 0-50 के बीच होता है, तो वायु गुणवत्ता संतोषजनक होती है।
पीला (मध्यम): एक्यूआई 51-100 के बीच होने पर संतोषजनक होता है। इस स्तर पर संवेदनशील व्यक्तियों को कुछ मामूली श्वसन संबंधी परेशानी हो सकती है।
नारंगी (अस्वास्थ्यकर): जब एक्यूआई 101-150 के बीच होता है तो बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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लाल (बहुत अस्वास्थ्यकर): एक्यूआई 151-200 के बीच होने पर आम लोगों में भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बैंगनी (खतरनाक): एक्यूआई 201-300 के बीच होने पर हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब होती है। सभी व्यक्तियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गहरा मैरून या गहरा लाल (अत्यंत खतरनाक): एक्यूआई 300 से ऊपर होने पर स्थिति अत्यंत चिंताजनक होती है और सभी के लिए स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है।
शनिवार की रात सीजन की सबसे ठंडी
मौसम में भी तेजी से बदलाव आ रहा है और दिन व रात में ठंड का असर बढ़ने लगा है। सीजन में शनिवार की रात सबसे ठंडी दर्ज की गई। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 08.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति कम हुई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अब तेजी से मौसम बदलेगा और दिन में भी ठंड बढ़ेगी।
कूड़े में लगी आग के धुएं से घुट रहा लोगों का दम
मेरठ। परतापुर के शताब्दीनगर में कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। इससे निकलने वाले धुएं से लोगों का दम घुट रहा है। रविवार को पंचवटी रोड और सीएनजी पंप के पीछे कूड़े के ढेर में किसी नो आग लगा दी। इससे निकलने वाला धुआं शताब्दी नगर सेक्टर1, वृंदावन एन्क्लेव तथा पास के औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। इससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। परतापुर औद्योगिक एस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुन जैन ने बताया कि यह समस्या पहली बार नहीं हुई। यहां लगातार कूड़ा डाला जा रहा है और एकत्रित होने पर आग लगा दी जाती है। अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह जल्द डीएम से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे।
एसजीएम गार्डन के पास कूड़े के ढेर में लगी आग
मेरठ। एसजीएम गार्डन के पास कूड़े के ढेर में आग लग गई। इससे निकला धुआं क्षेत्र में फैल गया और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। आसपास के लोगों ने पानी डाला और आग बुझाई। फायर ब्रिगेड जब तक मौके पर पहुंची तब तक आग बुझ चुकी थी। संवाद
प्रदूषण फैलाने वालों पर की जा रही कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश यादव का कहना है कि टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। अभी औद्योगिक इकाइयों पर भी नजर रखी जा रही है। हाल ही में नौ कोल्हू पर भी कार्रवाई की गई है। कूड़ा जलाने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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मेरठ समेत एनसीआर के अन्य जिलों का बुरा हाल है। वायु प्रदूषण के कारण यहां सांस लेना मुश्किल होता जा रहा है। अस्थमा के रोगी, बुजुर्गों की परेशानी प्रदूषण ने बढ़ा दी है। ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने के बाद भी प्रदूषण की रोकथाम के ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। इसके बाद भी प्रदूषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर का एक्यूआई 326, गंगानगर में 289, जयभीम नगर में 337, पल्लवपुरम 354, बेगमपुल 360, दिल्ली रोड 365 एक्यूआई दर्ज किया गया। बागपत में 382, गाजियाबाद 415 एक्यूआई दर्ज किया गया।
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50 एक्यूआई तक संतोषजनक होती है वायु गुणवत्ता
हरा (अच्छा): जब एक्यूआई 0-50 के बीच होता है, तो वायु गुणवत्ता संतोषजनक होती है।
पीला (मध्यम): एक्यूआई 51-100 के बीच होने पर संतोषजनक होता है। इस स्तर पर संवेदनशील व्यक्तियों को कुछ मामूली श्वसन संबंधी परेशानी हो सकती है।
नारंगी (अस्वास्थ्यकर): जब एक्यूआई 101-150 के बीच होता है तो बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
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लाल (बहुत अस्वास्थ्यकर): एक्यूआई 151-200 के बीच होने पर आम लोगों में भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बैंगनी (खतरनाक): एक्यूआई 201-300 के बीच होने पर हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब होती है। सभी व्यक्तियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
गहरा मैरून या गहरा लाल (अत्यंत खतरनाक): एक्यूआई 300 से ऊपर होने पर स्थिति अत्यंत चिंताजनक होती है और सभी के लिए स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है।
शनिवार की रात सीजन की सबसे ठंडी
मौसम में भी तेजी से बदलाव आ रहा है और दिन व रात में ठंड का असर बढ़ने लगा है। सीजन में शनिवार की रात सबसे ठंडी दर्ज की गई। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 08.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति कम हुई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अब तेजी से मौसम बदलेगा और दिन में भी ठंड बढ़ेगी।
कूड़े में लगी आग के धुएं से घुट रहा लोगों का दम
मेरठ। परतापुर के शताब्दीनगर में कूड़े के ढेर में आग लगाई जा रही है। इससे निकलने वाले धुएं से लोगों का दम घुट रहा है। रविवार को पंचवटी रोड और सीएनजी पंप के पीछे कूड़े के ढेर में किसी नो आग लगा दी। इससे निकलने वाला धुआं शताब्दी नगर सेक्टर1, वृंदावन एन्क्लेव तथा पास के औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया। इससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। परतापुर औद्योगिक एस्टेट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुन जैन ने बताया कि यह समस्या पहली बार नहीं हुई। यहां लगातार कूड़ा डाला जा रहा है और एकत्रित होने पर आग लगा दी जाती है। अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वह जल्द डीएम से मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे।
एसजीएम गार्डन के पास कूड़े के ढेर में लगी आग
मेरठ। एसजीएम गार्डन के पास कूड़े के ढेर में आग लग गई। इससे निकला धुआं क्षेत्र में फैल गया और लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। आसपास के लोगों ने पानी डाला और आग बुझाई। फायर ब्रिगेड जब तक मौके पर पहुंची तब तक आग बुझ चुकी थी। संवाद
प्रदूषण फैलाने वालों पर की जा रही कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी भुवन प्रकाश यादव का कहना है कि टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। अभी औद्योगिक इकाइयों पर भी नजर रखी जा रही है। हाल ही में नौ कोल्हू पर भी कार्रवाई की गई है। कूड़ा जलाने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।