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किसानों के मुआवजे में फंसी सर्विस रोड
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मेरठ।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में डासना से मेरठ (34 किमी) के चौथे चरण में कई स्थानों पर किसानों को मुआवजा न मिलने के कारण काम रुका है। अब सर्विस रोड निर्माण शुरू होने पर गांववासियों ने मुआवजे की मांग कर दी है। बराल के ग्रामीणों के विरोध के चलते सर्विस रोड बनाने का काम रुक गया। सर्विस रोड बनाने से पहले करीब 15 किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बारिश के कारण अगस्त-सितंबर माह में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम तेजी नहीं पकड़ सका। परतापुर तिराहे पर बनाए जा रहे इंटरचेंज से प्रभावित होने वाले ट्रैफिक को सर्विस रोड से निकालने का प्लान तैयार किया जाना था। इस सर्विस रोड के लिए एनएचएआई ने काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन यह काम भी थम गया है। उधर हाईवे से पेड़ों को शिफ्ट करने का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
यहां बनाई जानी है सर्विस रोड
परतापुर तिराहे और भूडबराल के बीच बन रहे आरओबी से आठ इंटरचेंज दिए जाने हैं। ये बाईपास पर मिलेंगे। बाईपास पर यातायात सुगम बनाने के लिए सर्विस रोड बनाई जानी है। इसके लिए पेड़ों की शिफ्टिंग का काम शुरू किया गया था। इसमें पीपल और पिलखन के 125 पेड़ों को हाईवे से हटाकर संजय वन ले जाना था। अभी तक 113 पेड़ों को शिफ्ट किया जा चुका है।
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शिफ्ट हुए पेड़ों में फूटीं कोपलें
जिन पेड़ों को संजय वन शिफ्ट किया गया था। उनमें कोपलें फूटने लगी हैं। संजय वन में सड़क के अंदर दोनों साइड लगाए गए पिलखन और पीपल के पेड़ों पर कोपलें आने से वन विभाग इसे सफलता मानकर चल रहा है। डीएफओ अदिति शर्मा का कहना है कि इन पेड़ों को सही तरीके से शिफ्ट किया गया। इस कारण कोपलें आ रही हैं।
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दस पेड़ों को शिफ्ट किया जाना बाकी है। इन्हें भी जल्द शिफ्ट कर वन विभाग का काम खत्म कर दिया जाएगा।
-अदिति शर्मा, डीएफओ
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में डासना से मेरठ (34 किमी) के चौथे चरण में कई स्थानों पर किसानों को मुआवजा न मिलने के कारण काम रुका है। अब सर्विस रोड निर्माण शुरू होने पर गांववासियों ने मुआवजे की मांग कर दी है। बराल के ग्रामीणों के विरोध के चलते सर्विस रोड बनाने का काम रुक गया। सर्विस रोड बनाने से पहले करीब 15 किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बारिश के कारण अगस्त-सितंबर माह में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम तेजी नहीं पकड़ सका। परतापुर तिराहे पर बनाए जा रहे इंटरचेंज से प्रभावित होने वाले ट्रैफिक को सर्विस रोड से निकालने का प्लान तैयार किया जाना था। इस सर्विस रोड के लिए एनएचएआई ने काम भी शुरू कर दिया था, लेकिन यह काम भी थम गया है। उधर हाईवे से पेड़ों को शिफ्ट करने का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
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यहां बनाई जानी है सर्विस रोड
परतापुर तिराहे और भूडबराल के बीच बन रहे आरओबी से आठ इंटरचेंज दिए जाने हैं। ये बाईपास पर मिलेंगे। बाईपास पर यातायात सुगम बनाने के लिए सर्विस रोड बनाई जानी है। इसके लिए पेड़ों की शिफ्टिंग का काम शुरू किया गया था। इसमें पीपल और पिलखन के 125 पेड़ों को हाईवे से हटाकर संजय वन ले जाना था। अभी तक 113 पेड़ों को शिफ्ट किया जा चुका है।
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शिफ्ट हुए पेड़ों में फूटीं कोपलें
जिन पेड़ों को संजय वन शिफ्ट किया गया था। उनमें कोपलें फूटने लगी हैं। संजय वन में सड़क के अंदर दोनों साइड लगाए गए पिलखन और पीपल के पेड़ों पर कोपलें आने से वन विभाग इसे सफलता मानकर चल रहा है। डीएफओ अदिति शर्मा का कहना है कि इन पेड़ों को सही तरीके से शिफ्ट किया गया। इस कारण कोपलें आ रही हैं।
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दस पेड़ों को शिफ्ट किया जाना बाकी है। इन्हें भी जल्द शिफ्ट कर वन विभाग का काम खत्म कर दिया जाएगा।
-अदिति शर्मा, डीएफओ