सीएम योगी आदित्यनाथ के मौसा को ब्रेन स्ट्रोक, ऋषिकेश एम्स रेफर
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मौसा राजेंद्र सिंह बिष्ट की तबीयत शुक्रवार सुबह अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें एसबीडी जिला अस्पताल में भर्ती कराया। अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक (चिकित्सा) समेत डॉक्टरों की टीम इलाज में जुट गई। जांच और प्राथमिक उपचार के बाद ब्रेन स्ट्रोक पाया गया। गंभीर हालत में उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
योगी आदित्यनाथ के 78 वर्षीय मौसा राजेंद्र सिंह बिष्ट परिवार सहित नवीन नगर में रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे उनके बेटे सतेंद्र सिंह बिष्ट और नरेंद्र सिंह बिष्ट उन्हें गंभीर हालत में लेकर एसबीडी जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां जब उन्होंने बताया कि राजेंद्र सिंह बिष्ट सीएम योगी आदित्यनाथ के मौसा हैं, तो चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। तुरंत राजेंद्र सिंह बिष्ट को आईसीयू में भर्ती कराया गया।
साथ ही अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक (चिकित्सा) डा. एसके वार्ष्णेय को सूचना दी गई। डा. एसके वार्ष्णेय अपनी टीम डा. अनिल वोहरा, डा. नरेश सैनी और डा. अनिल कुमार के साथ पहुंचे और राजेंद्र सिंह बिष्ट के इलाज में जुट गए। उनका इसीजी, शुगर, बीपी चेक किया गया।
सीटी स्कैन भी कराया गया। राजेंद्र सिंह बिष्ट में ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण पाए गए। उनके शरीर का एक हिस्सा काम कर रहा था, दूसरे हिस्से में पैरालाइज होने की आशंका जताई गई। यहां से हालत गंभीर होने के चलते उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया गया।
एंबुलेंस में उनके साथ एक टीम भी भेजी गई, जिससे रास्ते में जरूरत पड़ने पर उपचार दिया जा सके। जब तक राजेंद्र सिंह बिष्ट जिला अस्पताल में भर्ती रहे चिकित्साधिकारी और चिकित्सक दौड़ते रहे।
दिल के मरीज हैं राजेंद्र सिंह बिष्ट
सतेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि उनके पिता राजेंद्र सिंह बिष्ट कई साल से दिल के मरीज हैं। उनकी दवा लगातार चल रही है। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। वह बात नहीं कर पा रहे थे। साथ ही किसी को पहचान भी नहीं पा रहे हैं।
राजेंद्र सिंह बिष्ट को ब्रेन स्ट्रोक होने पर सुबह गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। हमने आईसीयू में उनका इलाज दिया। सीटी स्कैन समेत तमाम जरूरी जांचें कराईं। बीपी 170 से अधिक आया और शुगर भी 350 से ऊपर थी। उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। एम्स के निदेशक से बात कर बाद उन्हें भर्ती करा दिया गया।
- एसके वार्ष्णेय, अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक (चिकित्सा)