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आईजीआरएस जांच में खुलासा: सीएवी इंटर कॉलेज में नियमों के विपरीत चल रही थीं निजी प्रकाशकों की किताबें
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डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को एनसीईआरटी व सरकारी पुस्तकों से ही पढ़ाई कराने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच में सीएवी इंटर कॉलेज कैंट में एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें संचालित किए जाने की पुष्टि हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जगदीश प्रकाश शुक्ल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें हटाकर नियमानुसार एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार की निर्धारित पुस्तकों से अध्ययन कराने के निर्देश जारी किए हैं।
शिकायतकर्ता हिमांशु आर्य ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्रधानाचार्य विनोद कौशिक पर छात्रों के आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण तथा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। सह जिला विद्यालय निरीक्षक नवीन कुमार सिरोही को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।
डीआईओएस के अनुसार, जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के बाद 6 जुलाई को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों से संवाद किया गया और उनकी पुस्तकों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि कई कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशनों की महंगी पुस्तकें पढ़ाई जा रही थीं, जिनकी कीमत 225 से 900 तक थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने प्रधानाचार्य को तत्काल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें हटाकर केवल एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पुस्तकों से अध्ययन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच में सीएवी इंटर कॉलेज कैंट में एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें संचालित किए जाने की पुष्टि हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) जगदीश प्रकाश शुक्ल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निजी प्रकाशकों की पुस्तकें हटाकर नियमानुसार एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार की निर्धारित पुस्तकों से अध्ययन कराने के निर्देश जारी किए हैं।
शिकायतकर्ता हिमांशु आर्य ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्रधानाचार्य विनोद कौशिक पर छात्रों के आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक शोषण तथा नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। सह जिला विद्यालय निरीक्षक नवीन कुमार सिरोही को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया।
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डीआईओएस के अनुसार, जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता का पक्ष सुनने के बाद 6 जुलाई को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों से संवाद किया गया और उनकी पुस्तकों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि कई कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशनों की महंगी पुस्तकें पढ़ाई जा रही थीं, जिनकी कीमत 225 से 900 तक थी। रिपोर्ट में कहा गया कि इससे विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने प्रधानाचार्य को तत्काल निजी प्रकाशकों की पुस्तकें हटाकर केवल एनसीईआरटी एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पुस्तकों से अध्ययन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।