फैक्टरी में फटा बॉयलर: दो युवकों की मौत, परिजनों ने 9 घंटे शव रख किया हंगामा, फिर ऐसे बनी बात, ADM करेंगे जांच
Meerut News : मेरठ में एक फैक्टरी में बॉयलर फटने से दो मजदूरों की मौत हो गई। इसके बाद पीड़ित परिजनों ने नौ घंटे तक शव रखकर जमकर हंगामा किया। इस मामले में एडीएम सिटी को जांच सौंपी गई है।
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मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र में फिटकरी गांव के रास्ते पर मंगलवार सुबह टायर गलाने की फैक्टरी में बॉयलर फट गया। विस्फोट में शंकरलाल (32) और प्रवीण जाटव (25) की मौके पर ही मौत हो गई। तीन मजदूर घायल हो गए। लोगों ने मुआवजे की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया। नौ घंटे तक शव नहीं उठने दिए।
वहीं, फैक्टरी मालिक ने पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के सामने मृतकों के परिजनों को 15-15 लाख और गंभीर रूप से घायलों को 10 लाख व पांच लाख और मामूली घायल को 50 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया तो शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। डीएम-एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
इंचौली थाना क्षेत्र में बना के पास किशोरीपुरा गांव है। यहां के दर्जनों युवक फिटकरी गांव के रास्ते पर स्थित दुर्गा इंटरप्राइजेज फैक्टरी में काम करते हैं। फैक्टरी मालिक कंकरखेड़ा निवासी अमित ठाकुर और बड़ौत निवासी दीपक जैन हैं। फैक्टरी में पुराने टायरों को गलाकर तेल, लोहे का तार व राख अलग की जाती है। टायर गलाने के लिए दो बड़े-बड़े बॉयलर लगे हैं, जो लकड़ी व गैस से संचालित होते हैं।
सोमवार रात को 12 कर्मचारी ड्यूटी पर थे। मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे टायर गलने के बाद प्रवीण, शंकरलाल और दूसरे कर्मचारी बॉयलर का ढक्कन खोल रहे थे। इस बीच बॉयलर फट गया। तेज धमाके से टिन शेड उड़ गए और मशीनें फट गईं। विस्फोट में शंकरलाल और प्रवीण सहित दिनेश (32) शैंकी (22) व उसके पिता सोहनपाल घायल हो गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास की फैक्टरियों से लोग मौके पर पहुंच गए। राख हवा में होने के कारण किसी को भी शंकरलाल और प्रवीण के बारे में पता नहीं चला। आधा घंटे बाद शंकर और प्रवीण के शव पड़े मिले।
वहीं, कर्मचारियों का आरोप था कि हादसे की सूचना पर फैक्टरी मालिकों ने मोबाइल बंद कर लिए। एक घंटे बाद एंबुलेंस उपलब्ध होने पर तीनों घायलों को गंगानगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। लोगों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जिस पर कई थानों की पुलिस, एसपी देहात कमलेश बहादुर, एडीएम ई अमित कुमार, सीओ सदर देहात नवीना शुक्ला, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और डीएम दीपक मीणा मौके पर पहुंच गए।
उधर, लोगों ने फैक्टरी मालिकों को मौके पर बुलाने और मृतकों व घायलों के परिजनों को मुआवजे की मांग कर दी। दोपहर एक बजे फैक्टरी मालिक दीपक जैन इंचौली थाने पहुंचा। हंगामे के बाद मृतकों को 15-15 लाख, गंभीर रूप से घायलों को 10 व पांच लाख व एक घायल को 50 हजार रुपये देने की सहमति पर नौ घंटे बाद मामला शांत हुआ।
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फैक्टरी हादसे की एडीएम प्रशासन करेंगे जांच
जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने फिटकरी में पहुंचकर फैक्टरी हादसे की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह से जांच करने की बात कही। तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
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