कवायद: गुर्दा बचाने के लिए बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर, दो घंटे में मेरठ से गुरुग्राम पहुंचाए ब्लड सैंपल
एक मरीज के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मेरठ ट्रैफिक विभाग ने पहली बार एक मरीज के ब्लड सैंपल निर्धारित समय के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया।
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अमूमन ग्रीन कॉरिडोर (सुरक्षित गलियारा) की व्यवस्था विशेष परिस्थितियों में किसी वीआईपी के लिए तैयार होती है। सोमवार को ट्रैफिक विभाग ने पहली बार एक मरीज के ब्लड सैंपल निर्धारित समय के भीतर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इन मरीज का जल्द किडनी ट्रांसप्लांट होना है।
एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आज सुबह पांच बजे गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा अस्पताल से किडनी ट्रांसप्लांट कराने से पहले डोनर व मरीज के ब्लड सैंपल जांच के लिए एंबुलेंस की मदद से गुरुग्राम स्थित पैथोलॉजी लैब भेजे जाने थे।
अस्पताल प्रबंधन ने निर्धारित समय में सैंपल गुरुग्राम पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाये जाने का आग्रह किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन कॉरिडोर के रूप में ट्रैफिक की विशेष व्यवस्था तैयार की गई। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर के जरिए ब्लड सैंपल सकुशल गुरूग्राम भेजे गए।
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9135 लोगों ने लगवाया टीका
मेरठ में शनिवार को 82 बूथों पर 9135 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। बूथों पर टीका लगवाने के लिए लोगों की कतारें लगी रहीं। सोमवार को मेगा टीकाकरण अभियान चलाया गया, जिसमें एक लाख 20 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिले में दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 5 लाख 97 हजार 676 पहुंच गई है, जबकि पहली डोज लगवाने वाले 15 लाख 82 हजार 299 लोग हैं। अब ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों को टीकाकरण में प्राथमिकता दी जा रही है।
सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रवीण गौतम का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा लोग कोवैक्सीन लगवाएं, इसकी बड़ी संख्या में डोज हैं। 28 दिन बाद इसकी दूसरी डोज भी लगवा सकते हैं। कोविशील्ड की दूसरी डोज 84 दिन बाद लगती है। पहले कोवैक्सीन कम थी, इसलिए ज्यादातर लोग सिर्फ कोविशील्ड लगवा पा रहे थे।