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यूपी: लखनऊ के बाद मेरठ में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का भंडाफोड़, दो आरोपी दबोचे, मुकदमा दर्ज
Sat, 24 Apr 2021 10:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Apr 2021 10:28 AM IST
सार
लखनऊ के बाद मेरठ में भी कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों को जीवनदान देने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शनों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ है।
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मेरठ में मेडिकल स्टोर पर छापा।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद मेरठ में भी कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों को जीवनदान देने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शनों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ है। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद लालकुर्ती क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोर पर छापा भी मारा। जिसमें एक इंजेक्शन बरामद किया गया है।
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वहीं इस मामले में एक निजी अस्पताल के डायरेक्टर व दो कर्मचारी के खिलाफ जानी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर एक इंजेक्शन भी बरामद कर लिया है। यह मामला लखनऊ तक पहुंचा तो मेरठ के कई मेडिकल स्टोर पर छापेमारी शुरू हो गई। पुलिस और प्रशासन अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकता है। एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस और प्रशासन की एक संयुक्त टीम बना दी है। यह टीम ब्लैक में बेचे जा रहे इंजेक्शन को बरामद करने के लिए लगी हुई है।
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देहली गेट पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में एक निजी मेडिकल कॉलेज का कर्मचारी भी है। पूछताछ में आरोपियों ने कालाबाजारी की पोल खोली। उन्होंने बताया कि मरीजों को इंजेक्शन लगाने की बात कहकर तीमारदारों से पैसे ले लिए जाते हैं, लेकिन मरीजों को इंजेक्शन लगाए नहीं जाते। कई गुना रेट पर बाजार में सप्लाई कर दिया जाता है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक इंजेक्शन भी बरामद किया है। आरोपियों के इस खुलासे पर पुलिस प्रशासन के अधिकारियों में खलबली मच गई।
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कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी कर रहे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़
पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। वहीं, कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे कुछ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी मोटी कमाई के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। यह धंधा मेरठ के अलावा लखनऊ सहित कई बड़े शहरों में चल रहा है।
कोरोना के मरीजों को लगने वाले रेमडेसिविर के इंजेक्शन की कालाबाजारी और नकली इंजेक्शन की बाजारी का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है। बताया गया कि लखनऊ में नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में एक गिरोह पकड़ा है। इसके बाद मेरठ समेत कई जनपदों में छापा मारा गया। मेरठ में लालकुर्ती, सदर बाजार दिल्ली गेट समेत कई थाना क्षेत्रों में शुक्रवार को छापा मारा गया। देहली गेट पुलिस ने दो आरोपी पकड़ लिए और उनकी निशानदेही पर एक इंजेक्शन भी बरामद कर लिया है, जोकि कालाबाजारी में आया है।
कालाबाजारी का बड़ा नेटवर्क
कालाबाजारी का मेरठ जिले में भी बड़ा नेटवर्क है। बताया गया है कि आरोपियों ने कई राज खोले हैं अस्पताल में भर्ती मरीजों को लगने वाले इंजेक्शन ब्लैक से बेचे जा रहे हैं। जिसकी कई गुना कीमत लोगों से वसूली जा रही है। पुलिस देर रात तक दोनों आरोपियों से पूछताछ करती रही। उनकी निशानदेही पर शहर में कई जगह छापा भी मारा। पुलिस का कहना है कि अभी जांच में कई और राज खुल सकते हैं।
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अस्पताल संचालक की भी साठगांठ
पूछताछ में आरोपियों ने अस्पताल की सांठगांठ से यह इंजेक्शन ब्लैक में बेचने की बात कहीं। इजसके चलते पुलिस दोनों आरोपियों के साथ संचालक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की बात कह रही है। पुलिस का दावा है कि रात में ही इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
लखनऊ तक पहुंचा मामला
मेरठ में इंजेक्शन की कालाबाजारी की सूचना लखनऊ तक पहुंच रही है। दो दिन पहले लखनऊ में भी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। उनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। बताया गया कि काफी मात्रा में पुलिस ने नकली इंजेक्शन बरामद किए थे। पुलिस ने देर रात लखनऊ को भी रिपोर्ट भेज दी। इस मामले में आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
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