BKU का हल्ला बोल: ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर रात भर थाने में डटे रहे किसान, चढ़ी कढ़ाई, राकेश टिकैत भी पहुंचे
मेरठ के परतापुर थाने में भाकियू किसान रात भर डेरा डाले रहे। किसानों ने थाने में ही कढ़ाई चढ़ा दी और पूड़ी सब्जी बनाई। आज भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शामिल होने पहुंचे। आरोप है कि भाजपा नेताओं के दबाव में किसानों के पर्चे निरस्त किए हैं।
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मेरठ के मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति चुनाव में 102 डेलीगेट प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निरस्त होने पर भाकियू (टिकैत) ने परतापुर थाने पर हल्ला बोल प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर किसान थाने में घुस गए और डेरा डाल दिया।
आरोप है कि भाजपा नेताओं के दबाव में किसानों के पर्चे निरस्त किए हैं। चेतावनी दी कि अगर किसानों को चुनाव लड़ने का मौका नहीं दिया तो भाकियू का धरना जारी रहेगा। अधिकारी देर रात तक किसानों को समझाते रहे, लेकिन वह नहीं माने। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी देर रात किसानों को समझाने में जुटे रहे। आज भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे।
255 डेलीगेट प्रत्याशियों ने मोहिउद्दीनपुर गन्ना समिति में चुनाव में ताल ठोकी थी, जबकि यहां पर 143 सीट हैं। शुक्रवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई, जिसमें कागजों में खामियां बताकर 102 प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त कर दिए।
पूर्व चेयरमैन अजय नेहरा के समर्थक और किसान यूनियन के लोग निरस्त किए गए नामांकन पत्रों को लेकर विरोध में उतर आए। दिनभर गन्ना समिति पर हंगामा चला। आरोप है कि राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर और भाजपा के एक कार्यकर्ता पर 102 किसानों के पर्चे निरस्त कराए हैं।
भाकियू कार्यकर्ता और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से परतापुर थाने पर रात में 8:30 बजे पहुंच गए। किसान सभी मतपत्रों की बहाली कराने, फर्जी तरीके से नामांकन पत्र निरस्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अनुराग चौधरी ने कहा कि गन्ना समिति का चुनाव किसानों से जुड़ा है। भाजपा नेता इसमें भी राजनीति कर रहे हैं। किसानों से उनका अधिकार छीनने की तैयारी है।
थाने में कढ़ाई चढ़ाकर किसानों ने बनाया खाना
किसानों ने थाने में डेरा डाल दिया और कढ़ाई चढ़ा खाना बनाया और फिर वहीं खाना खाया। देर रात में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह, एडीएम प्रशासन बलराम सिंह व एसडीएम सदर कमल किशोर सहित अन्य अधिकारी थाने पर पहुंचे।
किसान नेता अनुराग चौधरी सहित अन्य किसानों से बातचीत की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर निरस्त किए पर्चे ठीक नहीं हुए तो धरना जारी रहेगा। भाकियू जिंदाबाद और प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए।
आरोप निराधार है। हम लोकतंत्र पर विश्वास रखते हैं। किसानों के नामांकन पत्र निरस्त हुए हैं, उनकी जांच करने का काम प्रशासन का है। चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए। -सोमेंद्र तोमर, ऊर्जा राज्यमंत्री