भाजपा को किसान विरोधी मानसिकता से ऊपर उठना होगा, सीमा पर अन्नदाता का ट्रेलर बाकी: वीएम सिंह
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उन्होंने कहा कि किसान शांतिपूर्वक आंदोलन करते हुए दिल्ली जा रहे थे। लेकिन किसान विरोधी सरकार ने इनके दिल्ली में प्रवेश पर पहले ही रोक लगा दी। आंदोलन को कुचलने की मंशा से भारी पुलिस फोर्स बार्डर पर लगा दी गई थी। किसानों पर बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज, वाटर कैनन का प्रयोग और अश्रुगैस छोड़ना बेहद निंदनीय और शर्मनाक है। सिंह ने कहा कि उनका संगठन भी अधिकतर वहीं मांग उठा रहा है जो भाकियू की थी।
उनके संगठन की तरफ से फसल खरीद गारंटी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने का प्राइवेट बिल लाया गया है। लेकिन यह सरकार किसान विरोधी है। इससे पहले भाजपा की मध्यप्रदेश सरकार ने मंदसौर में किसानों को गोली चलवाकर मरवाया और अब दिल्ली जाते समय किसानों को लाठीचार्ज कराकर घायल करा दिया।
सिंह ने कहा कि भाजपा नेता क्रांति यात्रा को कांग्रेस प्रायोजित बता रही है। जबकि भाकियू के एक नेता को भाजपा ने किसान समृद्धि आयोग में मेंबर बना रखा है। जो भी किसान संगठन हक मांगने के लिए आंदोलन करेगा तो क्या वह कांग्रेस प्रायोजित होगा? सिंह ने कहा भाजपा को अपनी किसान विरोधी मानसिकता से ऊपर उठना होगा। कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों और दमनकारी मानसिकता से किसान और ज्यादा मजबूत होंगे। उनका संगठन भी 28 से 30 नवंबर तक दिल्ली में आंदोलन करने जा रहा है। बार्डर पर किसानों का ट्रेलर बाकी है।